समाचार · उत्तराखंड
नार्को टेस्ट से पहले उर्मिला सनावर को जेल, कांग्रेस ने टाइमिंग पर उठाए सवाल; नया मुकदमा भी हो गया

अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि नार्को टेस्ट से ठीक पहले उर्मिला के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई? सैलजा ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मामले में कथित वीआईपी की भूमिका से जुड़े सच को सामने आने से रोकने की कोशिश है। हालांकि, यह उनका आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आज उर्मिला सनावर को पुलिस सुरक्षा में अदालत में पेश किया जा सकता है। उन्हें नार्कों टेस्ट पर अपनी फाइनल सहमति जतानी है। इससे पहले हालांकि वो नार्को टेस्ट पर हांमी भर चुकी हैं।इस बीच उर्मिला सनावर पर नया मुकदमा दर्ज हुआ है। देहरादून नगर कोतवाली में उनके खिलाफ भाजपा नेताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में मुकदमा हुआ है। पुलिस ने मानहानि समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा किया है। बता कें कि पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की बेटी की शिकायत पर पुलिस उर्मिला को सहारनपुर से पहले ही गिरफ्तार कर 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।कांग्रेस ने टाइमिंग पर सवाल उठाएकुमारी सैलजा ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार थीं और इसके लिए पहले से प्रक्रिया चल रही थी। उन्होंने सवाल उठाया कि टेस्ट से ठीक पहले उनके खिलाफ नया मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया।नार्को टेस्ट के लिए सीबीआई ने दिया था नोटिसअंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े वायरल ऑडियो क्लिप की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने उर्मिला सनावर को नोटिस जारी किया था। एजेंसी की टीम ने सहारनपुर स्थित उनके आवास पर पहुंचकर उन्हें 23 अक्टूबर को देहरादून में संबंधित अदालत के समक्ष पेश होने को कहा था। नोटिस का उद्देश्य यह जानना था कि वह अपनी इच्छा से पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट कराने के लिए सहमत हैं या नहीं।उर्मिला सनावर ने बताया था कि सीबीआई ने 18 अक्टूबर को उनसे करीब चार घंटे पूछताछ की थी। इसके बाद उन्हें नार्को टेस्ट के लिए बुलाया गया। उन्होंने दावा किया था कि वह जांच एजेंसी के सभी सवालों का जवाब देने और नार्को टेस्ट कराने के लिए तैयार हैं। जांच में देरी पर उठाए थे सवालउर्मिला सनावर ने इससे पहले कहा था कि अगर शुरुआत से ही जांच इतनी तेजी से होती तो अंकिता भंडारी के माता-पिता को न्याय की मांग के लिए इंडिया गेट के बाहर धरने पर नहीं बैठना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया था कि पिछले नौ महीने से सीबीआई की जांच धीमी पड़ी थी और विरोध-प्रदर्शन के बाद इसमें तेजी आई।अंकिता भंडारी केस में वीआईपी पर मचा है घमासानअंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उत्तराखंड में विवाद जारी है। पूर्व भाजपा प्रदेश प्रभारी दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आया है। इस प्रकरण पर अंकिता के माता-पिता ने दिल्ली इंडिया गेट पर धरना भी दिया था और चिंता जताई थी कि वीआईपी प्रकरण में जांच के बीच भाजपा नेता दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल क्यों बनाया गया? बता दें कि हत्याकांड से जुड़े वीआईपी प्रकरण में दुष्यंत गौतम का नाम चर्चाओं में आया था। हालांकि इसकी पष्टि नहीं हो पाई थी।