Friday, 30 October 2026
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मंत्रालय में हाथ से बनने वाले एंट्री पास बंद होंगे:1 नवंबर से कर्मचारियों के लिए फेसलेस अटेंडेंस हो सकती है लागू

INT News30 October 2026 at 03:40 pm

भोपाल स्थित राज्य मंत्रालय में 1 नवंबर के बाद दो नई व्यवस्थाएं लागू करने की तैयारी है। पहली व्यवस्था के तहत मंत्रालय में बाहर से आने वाले लोगों को अब हाथ से बनाए जाने वाले पास की जगह कम्प्यूटराइज्ड एंट्री पास मिलेंगे। वहीं, दूसरी व्यवस्था के तहत मंत्रालय के करीब डेढ़ हजार अधिकारी-कर्मचारियों को फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। फेस रिकग्निशन अटेंडेंस की नई व्यवस्था लागू करने की कवायद जनवरी 2024 से शुरू हुई थी। इसके तहत कर्मचारियों को मंत्रालय में प्रवेश और निकास के समय चेहरा स्कैन कराकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। यह आधुनिक सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से उम्र के साथ चेहरे में होने वाले बदलावों को भी पहचान सकता है। वर्तमान में मंत्रालय में मैन्युअल अटेंडेंस या खराब पड़ी थंब मशीनों के कारण कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति का सही पता नहीं चल पाता। इस हाईटेक अटेंडेंस सिस्टम के लिए सभी विभागों से कर्मचारियों का नाम, पदनाम, मोबाइल नंबर और जेंडर समेत प्रमाणित डेटा मांगा गया था, ताकि इसे सिस्टम में फीड किया जा सके। आधार आधारित फेस अटेंडेंस सिस्टम से लगेगी हाजिरी आधार आधारित फेस अटेंडेंस सिस्टम में स्कैनर की मदद से कर्मचारी का चेहरा स्कैन किया जाएगा। इसके बाद चेहरे का मिलान आधार से जुड़े फेस ऑथेंटिकेशन सिस्टम के जरिए किया जाएगा। कर्मचारी का आधार नंबर फेस अटेंडेंस प्रोफाइल से जोड़ा जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय के तीनों भवनों में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम लगाने का काम अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक पूरा कर इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे। इसके लिए एजेंसी का चयन कर जुलाई के अंतिम सप्ताह में कार्यादेश जारी कर दिया गया था। फिलहाल सिस्टम लगाने का काम किया जा रहा है। अब 1 नवंबर के बाद इसे पूरी तरह लागू करने की तैयारी है। प्रदेश के सभी जिलों में भी लागू करने की योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फेस रिकग्निशन अटेंडेंस सिस्टम का काम जुलाई के अंत तक पूरा करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में लागू करने के लिए भी योजना बनाने को कहा था। साथ ही कर्मचारियों को सुबह 10 से शाम 6 बजे तक कार्यालय में उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे। ऐसा नहीं होने पर सप्ताह में पांच दिन काम करने की व्यवस्था खत्म करने की बात भी बैठक में सामने आई थी। फिलहाल, कर्मचारी आमतौर पर अपने-अपने विभागों में रखे हाजिरी रजिस्टर में हस्ताक्षर कर उपस्थिति दर्ज कराते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय से निकलते ही कर्मचारियों का भी चले जाना आम चलन बन गया है। नई व्यवस्था से कर्मचारियों के कार्यालय आने और जाने के समय का रिकॉर्ड रखा जा सकेगा। अब कम्प्यूटर से जारी होंगे एंट्री पास मंत्रालय पहुंचने वाले बाहरी आगंतुकों के लिए भी एंट्री पास की व्यवस्था बदली जा रही है। अब तक हाथ से बनाए जाने वाले एंट्री पास की जगह कम्प्यूटर से पास जारी किए जाएंगे। इस व्यवस्था पर काम शुरू हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर पांच कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगा दी है। ये कर्मचारी मंत्रालय के सुरक्षा कार्यालय में कम्प्यूटराइज्ड एंट्री पास जारी करने का काम करेंगे।