Friday, 30 October 2026
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सजावट के लिए आने लगी नोटों की गडि्डयां:करोड़ों रुपए से सजेगा महालक्ष्मी मंदिर; भक्तों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा

INT News30 October 2026 at 04:52 pm

रतलाम शहर के माणकचौक स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर में दीपावली पर्व की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इस बार भी पांच दिवसीय दीपावली पर्व पर करोड़ों रुपए के नोट व सोने-चांदी के आभूषण से महालक्ष्मी मंदिर सजेगा। मंदिर की सजावट के लिए भक्तों द्वारा नोटों की नई फ्रेश गडि्डयां जमा कराने का सिलसिला शुरू हो गया है। मंदिर में नोटों के गमले, वंदनवार बनाए जा रहे है। भक्तों की सुविधा को ध्यान में रख इस बार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन सिस्टम की भी शुरूआत की गई है। जिससे सजावट के लिए राशि जमा कराने वाले लोगों को लंबी लाइन से राहत मिलेगी। मंदिर की सजावट के लिए शरद पूर्णिमा से शुरू हुआ नोटों (रुपयों) का सिलसिला लगातार चल रहा है। अभी तक करीब 300 से अधिक भक्त 1 रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की फ्रेश गडि्डयां मंदिर में सजावट के लिए आ चुके हैं। रतलाम के अलावा प्रदेश के अन्य जिलो व राजस्थान व गुजरात से भी भक्त नोटों की गडि्डयां सजावट के लिए देकर गए है। 5 नवंबर तक यह राशि ली जाएगी। धनतेरस से होंगे दर्शन

दीपावली की शुरूआत धनतेरस से होगी। इसी दिन से करोड़ों रुपए व आभूषणों से सजी महालक्ष्मी जी के शृंगार के दर्शन होंगे। पांच दिन की सजावट के दर्शन के बाद यह राशि प्रसादी के रूप में वापस दी जाती है। मान्यता है कि मातारानी के दरबार में चढ़ाई गई नोटों की गड्डी को तिजोरी में रखने से घर में बरकत और सुख-समृद्धि बनी रहती है। बाहर के भक्तों से नहीं लेंगे आभूषणों

मंदिर में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं से सोने-चांदी के आभूषण नहीं लिए जाएंगे। केवल शहर के 10 से 12 चुनिंदा व्यापारियों के ही सोने-चांदी के आभूषण, सोने के बिस्किट और चांदी की सिल्लियां व तिजोरी सजावट के लिए रखी जाएगी। मंदिर में तैयारियां भव्य स्तर पर शुरू हो गई है। मंदिर में गर्भगृह में महालक्ष्मी प्रतिमा के आसपास नोटों की गडि्डयां सजा कर रखी है। भक्त नोटों के वंदनवार व आकर्षक गमले बनाकर सजावट कर रहे है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा मंदिर में राशि जमा कराने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में न लगना पड़े, इसके लिए इस बार ऑनलाइन व्यवस्था की है। मन को मिलती है शांति

मंदिर में सजावट के लिए राशि जमा कराने आए रतलाम निवासी दीपेस ओझा ने बताया काफी टाइम से मंदिर आ रहा हूं। पहले मम्मी-पापा आते थे, फिर उसके बाद में उनको देखते हुए हम लोग राशि लेकर यहां आने लगे। राशि जमा कराने के पीछे श्रद्धा व भक्ति रहती है। मन को शांति मिलती है। जो राशि हम यहां चढ़ाते हैं, तो उसके बाद फिर वो पैसा हम कहीं न कहीं दान-धर्म में लगाते हैं। ताकि किसी का भला हो सके। 300 से अधिक भक्तों ने जमा कराई राशि

मंदिर के पंडित अश्वनी पुजारी के अनुसार महालक्ष्मी जी के दीपावली श्रृंगार के लिए तैयारियां चालू कर दी गई हैं। इस बार जनता की सुविधा के लिए ऑनलाइन सिस्टम के साथ-साथ प्री-रजिस्ट्रेशन चालू किया है। जिससे कि आम जनता को नोट जमा करने में असुविधा न हो। त्वरित काम हो सके और लाइन में लगने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। सुबह 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक भक्त राशि जमा करा सकते है। जनता की सुविधा के साथ-साथ आगे टाइम बढ़ाया जा सकता है। अभी तक 300 से अधिक लोग राशि जमा करा चुके है। प्रदेश के अलावा गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से कई भक्त आ चुके हैं, जो अपनी जमा राशि को माता जी की सजावट के लिए देकर गए हैं।