समाचार · मध्य प्रदेश
हंडिया शाखा नहर में 2 नवंबर से ओसराबंदी लागू:48 घंटे की व्यवस्था से टेल क्षेत्र के किसानों को मिलेगा सिंचाई का पानी
हरदा में रबी फसलों की सिंचाई के लिए हंडिया शाखा नहर प्रणाली में 2 नवंबर से 48 घंटे की ओसराबंदी व्यवस्था लागू की जाएगी। इसका उद्देश्य नहर के टेल क्षेत्र तक पर्याप्त पानी पहुंचाना है। इसके तहत नहरों को उनकी दूरी के अनुसार अलग-अलग दिनों में बंद रखा जाएगा। जल संसाधन विभाग की कार्यपालन यंत्री सोनम बाजपेयी ने बताया कि सोमवार और मंगलवार को सुबह 8 बजे से 0 से 12.09 किलोमीटर तक की सभी नहरें बंद रहेंगी। बुधवार और गुरुवार को 12.09 से 21 किलोमीटर तक की नहरें बंद रहेंगी। शुक्रवार और शनिवार को 21 से 33 किलोमीटर तक और रविवार को 33 से 40 किलोमीटर तक की नहरें बंद रहेंगी। 33 किलोमीटर के बाद लिफ्ट से मिलेगा पानी विभाग के अनुसार 33 किलोमीटर से आगे के क्षेत्रों में बचा हुआ पानी लिफ्ट के जरिए सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं, 5 क्यूसेक से कम क्षमता वाली नहरें प्रथम और द्वितीय पानी के दौरान शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक बंद रहेंगी। बिना अनुमति पंप चलाने पर रोक विभाग ने किसानों को बिना अनुमति और सिंचाई की अग्रिम राशि जमा किए पंप नहीं चलाने की हिदायत दी है। ट्रैक्टर से चलने वाले पंपों और 10 एचपी से अधिक क्षमता वाले पंपों के संचालन पर भी रोक रहेगी। बकाया सिंचाई राजस्व जमा नहीं किया तो पंप बंद होंगे जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों पर सिंचाई राजस्व बकाया है, उन्हें राशि जमा करनी होगी। बकाया राशि जमा नहीं करने पर संबंधित किसानों के साइफन और पंप बंद किए जाएंगे। विभाग ने यह भी बताया कि पानी की उपलब्धता और जरूरत के अनुसार बड़ी उपशाखाओं के ओसराबंदी कार्यक्रम में बदलाव किया जा सकता है।