Sunday, 1 November 2026
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सीवान : सहकारी समितियों के चुनाव में अब बूथवार बनेगी मतदाता सूची, जानें एक केंद्र पर कितने वोटर डाल सकेंगे वोट

INT News1 November 2026 at 01:45 pm

Siwan Cooperative Election Voter List : सहकारी समितियों के चुनाव में अब मतदाताओं को अपने मतदान केंद्र की जानकारी जुटाने और वोट डालने के लिए दूर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी. चुनाव की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए अब मतदान केंद्र के अनुसार मतदाता सूची तैयार की जाएगी. बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार ने इस संबंध में नया निर्देश जारी किया है.

इसके तहत सहकारी समितियों की मतदाता सूची वार्डवार, पंचायतवार, प्रखंडवार और जिलावार तैयार कर अलग-अलग मतदान केंद्रों से जोड़ी जाएगी. नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को उनके आवास के नजदीक मतदान की सुविधा देना और मतदाता सूची में मौजूद दोहरी एवं तिहरी प्रविष्टियों की पहचान कर उन्हें दुरुस्त करना है.

प्राधिकार के संयुक्त सचिव कयूम अंसारी ने इस संबंध में निबंधक, सहयोग समितियां, बिहार, प्रबंध निदेशक कम्फेड, प्रमंडलीय संयुक्त निबंधक, जिला सहकारिता पदाधिकारियों और दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश जारी किया है. इसमें स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में निर्वाचन के लिए मतदाता सूची तैयार करते समय नई प्रक्रिया का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा. पूर्व में जारी दिशा-निर्देशों में भी इसी के अनुरूप संशोधन किया गया है.

नई व्यवस्था के तहत मतदाता सूची तैयार करने में तीन तरह के अभिलेखों को आधार बनाया जाएगा. पहले खंड में पिछले चुनाव में इस्तेमाल की गई मतदाता सूची यथावत रखी जाएगी. दूसरे खंड में पिछले चुनाव के बाद नियमानुसार जोड़े गए नए सदस्यों के नाम शामिल होंगे, जबकि तीसरे खंड में हटाए गए सदस्यों की सूची कारण सहित तैयार की जाएगी. इन तीनों सूचियों के मिलान के बाद समेकित मतदाता सूची तैयार होगी. इसे अब खंड-घ के नाम से जाना जाएगा. इसी सूची को मतदान केंद्र के अनुसार वार्ड, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर विभाजित किया जाएगा.

एक बूथ पर अधिकतम 700 मतदाता

प्राधिकार ने मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की संख्या निर्धारित करने के तरीके में भी बदलाव किया है. अब प्रत्येक मतदान केंद्र से अधिकतम 700 मतदाताओं को जोड़ा जाएगा. मतदाताओं की संख्या और भौगोलिक स्थिति को देखते हुए सूची का विभाजन समिति की विशेष बैठक में किया जाएगा.

जरूरत पड़ने पर बनेगा सहायक केंद्र

यदि किसी विशेष वार्ड के मतदाताओं को एक ही मतदान केंद्र से जोड़ने के दौरान संख्या 700 से अधिक हो जाती है, तो उसी मूल मतदान केंद्र के साथ सहायक मतदान केंद्र बनाया जा सकेगा. सहायक केंद्र को मूल मतदान केंद्र से अलग स्थान पर स्थापित नहीं किया जाएगा. इसका उद्देश्य यह है कि किसी वार्ड के मतदाताओं को अनावश्यक रूप से अलग-अलग मतदान केंद्रों पर नहीं जाना पड़े.

निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि मतदान केंद्र निर्धारित करते समय वार्ड की भौगोलिक स्थिति का विशेष ध्यान रखा जाएगा. किसी एक वार्ड के मतदाताओं के नाम अलग-अलग मतदान केंद्रों में नहीं बांटे जाएंगे. उदाहरण के तौर पर, यदि वार्ड संख्या एक से चार तक के 560 मतदाता हैं, तो उन्हें पहले मतदान केंद्र से ही जोड़ा जाएगा. इसी तरह वार्ड संख्या पांच से दस तक के मतदाताओं को दूसरे मतदान केंद्र से संबद्ध किया जाएगा. शेष वार्डों के मतदाताओं के लिए अलग मतदान केंद्र निर्धारित होगा. पंचायत के बीच नदी, पहाड़ी या अन्य भौगोलिक बाधा होने पर भी मतदाताओं की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी.

आवासीय प्रमाण पत्र से भी जुड़वा सकेंगे पता

मतदाता सूची में पता दर्ज करने को लेकर भी प्राधिकार ने व्यवस्था स्पष्ट की है. यदि समिति के अभिलेख में किसी सदस्य का वार्ड नंबर, पंचायत, प्रखंड या जिला का नाम दर्ज नहीं है, तो संबंधित सदस्य आवासीय प्रमाण पत्र के आधार पर इसे मतदाता सूची में दर्ज करा सकेगा. प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं कराने की स्थिति में समिति में सदस्यता लेते समय जमा कराए गए पुराने अभिलेख के आधार पर पता अंकित किया जाएगा.

समिति की विशेष बैठक में मौजूद पर्यवेक्षकीय कर्मियों को भी प्रत्येक पृष्ठ पर मतदाताओं के पते की जांच करनी होगी. सूची के प्रत्येक पृष्ठ पर अध्यक्ष और प्रबंधक अथवा प्रशासक का नाम, पदनाम, मुहर, हस्ताक्षर और तिथि अनिवार्य होगी. पर्यवेक्षकीय कर्मी भी प्रत्येक पृष्ठ पर अपना हस्ताक्षर करेंगे.

दोहरी प्रविष्टियों और फर्जी मतदान पर लगेगी रोक

अब तक मतदाता सूची वार्ड, पंचायत, प्रखंड और जिला के अनुसार व्यवस्थित नहीं होने से कई व्यावहारिक समस्याएं सामने आती थीं. एक ही मतदाता का नाम दो या तीन जगह दर्ज होने पर उसकी पहचान करना मुश्किल होता था. मतदान केंद्रों के निर्धारण में भी गड़बड़ी की शिकायतें मिलती थीं. कई बार एक वार्ड के मतदाताओं को दूसरे वार्ड के मतदान केंद्र पर जाना पड़ता था. इससे मतदाताओं के साथ-साथ प्रत्याशियों के मतदान अभिकर्ताओं को भी मतदाता क्रमांक खोजने में परेशानी होती थी.

नई व्यवस्था से इन समस्याओं का समाधान होने और फर्जी मतदान की आशंका कम होने की उम्मीद है. साथ ही चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित हो सकेगी.

क्या कहते हैं अधिकारी

सीवान के जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार ने बताया की बिहार राज्य निर्वाचन प्राधिकार के निर्देश के आलोक में सहकारी समितियों के चुनाव के लिए बूथवार मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. सूची को वार्डवार, पंचायतवार और प्रखंडवार व्यवस्थित किया जाएगा.

इससे दोहरी प्रविष्टियों की पहचान करना आसान होगा और फर्जी मतदान पर रोक लगाने में मदद मिलेगी. मतदाताओं को भी अपने नजदीकी मतदान केंद्र पर वोट डालने की सुविधा मिलेगी.