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ट्रेन में बिना यूनिफॉर्म बेडरोल बांट रहे कर्मचारी, रेलवे सख्त..एजेंसी को ठेका रद्द करने की चेतावनी

जमशेदपुर: टाटानगर से होकर गुजरने वाली विभिन्न ट्रेनों में बेडरोल की आपूर्ति करने वाले कर्मचारियों की लापरवाही पर चक्रधरपुर रेल मंडल ने सख्त रुख अपनाया है. औचक जांच में कई कोचों में बेडरोल कर्मचारी बिना निर्धारित यूनिफॉर्म के ड्यूटी करते मिले. रेलवे ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए संबंधित दिल्ली की एजेंसी को कड़ा पत्र भेजा है. साथ ही निर्देश दिया है कि सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से निर्धारित ड्रेस में ही ड्यूटी पर तैनात किया जाये.
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं होने पर एजेंसी के खिलाफ सेवा शर्तों के तहत कार्रवाई की जायेगी. जरूरत पड़ने पर उसका अनुबंध भी रद्द किया जा सकता है. जानकारी के अनुसार, 24 अगस्त को रेलवे अधिकारियों ने ट्रेनों में औचक जांच की थी. इस दौरान कई कोचों में बेडरोल कर्मचारी बिना यूनिफॉर्म के मिले थे. इसके बाद अन्य ट्रेनों में भी जांच की गयी, जहां इसी तरह की लापरवाही सामने आयी.
यूनिफॉर्म पर नाम और सेवा का विवरण लिखना अनिवार्य
रेलवे के निर्धारित मानकों के अनुसार, बेडरोल कर्मचारियों की कमीज की बायीं जेब पर कढ़ाई से 'लिनन वितरण सेवा, टाटानगर कोचिंग डिपो, चक्रधरपुर मंडल' लिखा होना जरूरी है. इससे यात्रियों को ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की पहचान करने में आसानी होगी.
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए जरूरी है ड्रेस कोड
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के कोच में कर्मचारी यदि सादे कपड़ों में रहते हैं, तो यात्रियों को उनकी पहचान करने में परेशानी होती है. ऐसे में किसी शिकायत या समस्या के समाधान के लिए संबंधित कर्मचारी तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है. इसी को देखते हुए सफाईकर्मी, खानपान कर्मचारी, एसी अटेंडेंट और बेडरोल स्टाफ के लिए निर्धारित यूनिफॉर्म में ड्यूटी करना जरूरी किया गया है. रेलवे का मानना है कि ड्रेस कोड का पालन होने से कर्मचारियों की पहचान स्पष्ट रहेगी और यात्रियों को शिकायत करने में सुविधा होगी.