समाचार · मध्य प्रदेश
मंत्री इंदरसिंह परमार मप्र स्थापना दिवस के कार्यक्रम में पहुंचे:बोले-पहले मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य कहते थे, अब आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ रहा
शहर के गांधी हॉल में रविवार को मध्यप्रदेश का 71वां स्थापना दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार शामिल हुए। समारोह की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इसके बाद शहर के ईटरनल स्कूल के विद्यार्थियों ने मध्यप्रदेश गान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी हुईं। परमार बोले- 2014 के बाद हुए राज्य में विकास हुआ समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री इंदरसिंह परमार ने प्रदेश सरकार के कार्यों और उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर 1956 को मध्यप्रदेश नए स्वरूप में अस्तित्व में आया था। तब से अब तक प्रदेश में व्यापक बदलाव हुए हैं। मंत्री ने कहा कि एक समय मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य के रूप में जाना जाता था, लेकिन अब प्रदेश विकास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 के बाद विभिन्न क्षेत्रों में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। विधायक ने पॉलीटेक्निक कॉलेज के विकास की मांग रखी कार्यक्रम में शाजापुर विधायक अरुण भीमावद ने मंत्री इंदरसिंह परमार के सामने शहर से जुड़ी दो मांगें रखीं। उन्होंने शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय को इंजीनियरिंग कॉलेज में उन्नत करने और शासकीय विधि महाविद्यालय में एलएलएम की कक्षाएं शुरू करने की मांग की। विजेता विद्यार्थियों को वितरित किए चेक कार्यक्रम के दौरान कृषि क्विज के विजेताओं और भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को चेक दिए गए।