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पटना में आवास, फ्री बिजली और यात्रा कूपन, जानिए बिहार एमएलसी को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में

Bihar MLC Salary : बिहार विधान परिषद के सदस्य यानी MLC को वेतन के साथ अलग-अलग तरह के भत्ते और सुविधाएं मिलने की जानकारी सामने आती है. इन सुविधाओं में क्षेत्र से जुड़े कामों, निजी सहायक, ऑफिस के खर्च, फोन, आवास, इलाज और यात्रा से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं. इसके अलावा, कार्यकाल पूरा होने के बाद पेंशन का भी प्रावधान बताया जाता है.
हर महीने मिलने वाली सैलरी और भत्ते
बिहार में MLC का वेतन ढांचा विधायक यानी MLA के समान बताया गया है. इसमें हर महीने 50000 रुपये मूल वेतन के रूप में मिलते हैं. इसके अलावा क्षेत्रीय भत्ते के तौर पर 55000 रुपये, निजी सहायक के लिए 40000 रुपये और ऑफिस व स्टेशनरी के खर्च के लिए 15000 रुपये बताए गए हैं.
फोन और संचार से जुड़े खर्च के लिए हर महीने 8300 रुपये मिलने की बात भी कही गई है. इन सभी मदों को जोड़ने पर हर महीने कुल 168300 रुपये होते हैं.
विधानसभा और विधान परिषद के सत्र में दैनिक भत्ता
सदन के सत्र के दौरान MLC को दैनिक भत्ता भी मिलता है. पटना में ठहरने पर हर दिन 3000 रुपये और राज्य से बाहर रहने पर हर दिन 3500 रुपये का दैनिक भत्ता मिलता है.
MLC के पास क्या-क्या अधिकार होते हैं?
विधान परिषद के सदस्य सदन में विधेयकों पर चर्चा कर सकते हैं और उनमें बदलाव के सुझाव दे सकते हैं. वित्तीय विधेयकों को छोड़कर दूसरे विधेयकों को विधान परिषद में पेश कर सकते हैं. राज्य के सालाना बजट पर भी विधान परिषद में चर्चा होती है.
MLC को अपने क्षेत्र में विकास से जुड़े कामों के लिए भी राशि मिलती है. इसके तहत सड़क, स्कूल और सामुदायिक भवन जैसे कामों किये जा सकते हैं.
आवास, बिजली और इलाज की सुविधाएं
MLC को पटना में सरकारी आवास या मकान किराया भत्ता मिलता है. हर महीने 2000 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा भी दी गई है. इलाज के लिए सदस्य और उनके परिवार को मेडिकल सुविधा या इलाज के खर्च की भरपाई की जाती है.
यात्रा और गाड़ी खरीदने के लिए सुविधा
MLC को रेल या हवाई यात्रा के लिए सालाना 4 लाख रुपये के ट्रैवल कूपन दिया जाता है. इसके अलावा नई गाड़ी खरीदने के लिए 25 लाख रुपये तक का लोन रियायती ब्याज दर पर दिया जाता है.
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कार्यकाल खत्म होने के बाद पेंशन
MLC का कार्यकाल खत्म होने के बाद 45000 रुपये महीने की पेंशन और जीवनभर मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी विधान परिषद के सदस्य रह चुके हैं.
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