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JMM के 'बाहरी' वाले बयान पर BJP प्रभारी का पलटवार, कहा- 'मैं MP का आदिवासी हूं तो झारखंड के आदिवासी भी मेरे भाई'

रांची : भाजपा के प्रदेश प्रभारी गजेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि झारखंड में आदिवासी समाज को भाजपा से दूर करने के लिए भ्रम फैलाया गया. इसका प्रभाव पिछले चुनावों में भी दिखा, लेकिन अब जनजातीय समाज वास्तविकता समझ रहा है. केंद्र की अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार तक आदिवासियों के विकास, सम्मान और अधिकार के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठाये गये हैं. भाजपा संगठन आदिवासी समाज के बीच लगातार संवाद बढ़ा रहा है. इसके सकारात्मक परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे. उन्होंने दावा किया कि 2029 में झारखंड में भाजपा की सरकार बनेगी. नये प्रदेश प्रभारी ने मंगलवार को से विशेष बातचीत की. उन्होंने आदिवासी राजनीति, सरना धर्म कोड, आगामी चुनाव और संगठन से जुड़े सवालों के जवाब दिये. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश...
Q. झारखंड में आदिवासी समाज को भाजपा से जोड़ने लिए पार्टी क्या रणनीति है ?
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के समय से भाजपा ने आदिवासियों के लिए काम शुरू किया. अलग जनजातीय कार्य मंत्रालय बनाया गया. अनुसूचित जनजाति आयोग का गठन हुआ और पेसा कानून लागू किया गया. शिक्षा के क्षेत्र में एकलव्य आवासीय विद्यालयों के माध्यम से काम हुआ. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया. भाजपा ने आदिवासी समाज के विकास और सम्मान के लिए लगातार काम किया है. पिछले चुनावों में हमारे भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को भ्रमित किया गया. अब समाज इस बात को समझ रहा है.
Q. झामुमो का कहना है कि झारखंड के आदिवासी बाहर के नेताओं पर भरोसा क्यों करें? सरना धर्म कोड पर भाजपा का क्या रुख है?
देशभर के आदिवासी एक हैं. उन्हें भ्रम पैदा कर अलग नहीं किया जा सकता है. मैं मध्यप्रदेश का आदिवासी हूं, तो झारखंड के आदिवासी भी मेरे भाई हैं. झारखंड आने के बाद मैं भगवान बिरसा मुंडा की धरती पर गया और यहां मुंडा समाज सहित विभिन्न जनजातीय समाज के लोगों से मिला. भाजपा ने कभी आदिवासी समाज के बीच अंतर पैदा नहीं किया. समाज को बांटने और भ्रम पैदा करने का काम सत्ता में बैठे लोग कर रहे हैं. आपने कहा था कि बंगाल और बिहार जीत Q सकते हैं, तो झारखंड क्यों नहीं? क्या यहां भी भाजपा की कोई खास चुनावी योजना है? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सबका साथ-सबका विकास की भावना से काम कर रही है. हमने विभिन्न राज्यों में सरकार बनायी है. झारखंड भी हमारा प्रदेश है और यहां भी हमारी सरकार बनेगी. वर्तमान सरकार के लोग भाजपा को लेकर कई प्रकार का भ्रम पैदा कर रहे हैं, लेकिन परिस्थितियां बदलेंगी. हमारी नीति स्पष्ट है कि सबके सम्मान के साथ काम करना है. आनेवाले समय में परिणाम सकारात्मक होंगे. विकसित भारत की यात्रा में झारखंड भी पूरी मजबूती से जुड़ेगा.
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Q. गिरिडीह उपचुनाव को लेकर पार्टी की तैयारी कहां तक पहुंची है? प्रत्याशी चयन पर कोई चर्चा हुई है?
भाजपा केवल चुनाव के समय काम करने वाली पार्टी नहीं है. पार्टी वर्ष के 365 दिन संगठन और जनता के बीच काम करती है. हमारे अनेक कार्यक्रम चलते रहते हैं और कार्यकतों लगातार लोगों से संवाद करते हैं. चुनाव को लेकर भी भाजपा हमेशा पूरी तरह तैयार रहती है. सभी मिलकर मजबूती से चुनाव लड़ेंगे.
Q. भाजपा आदिवासी क्षेत्रों में अपनी बात प्रभावी तरीके से क्यों नहीं पहुंचा पा रही है?
हमारे जनजातीय भाई-बहन भोले और सीधे-सादे है. सत्ता में बैठे लोगों ने उन्हें भ्रमित करने का प्रयास किया है. भाजपा के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता लगातार समाज के बीच जाकर संवाद स्थापित कर रहे हैं. जो लोग कुछ समय के लिए भ्रमित होकर हमसे दूर हो गये हैं, वह वापस जुड़ेंगे. हमें विश्वास है कि इसके अच्छे परिणाम सामने आयेंगे.
Q. झारखंड भाजपा में किसी तरह की संगठनात्मक समस्या या मतभेद दिखाई पड़ा ?
कोई समस्या नहीं है. पार्टी में संवाद और मिलना-जुलना लगातार जारी है. संगठन एकजुट होकर काम कर रहा है. वरिष्ठ नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक सभी से बातचीत हो रही है. मैं अभी आया हूं, धीरे-धीरे इसके परिणाम भी दिखाई देंगे. 2029 आपके सामने है और हम सब मिलकर बेहतर परिणाम के लिए काम करेंगे.
Q. क्या 2029 के विधानसभा चुनाव में भाजपा किसी आदिवासी चेहरे को आगे करेगी ?
भाजपा सत्ता के लिए नहीं, सेवा के लिए काम करती है. भाजपा की सरकार बनेगी और जो भी मुख्यमंत्री बनेगा, वह जनता की सेवा के लिए काम करेगा.
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