Sunday, 1 November 2026
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BJP में शामिल होने की खबरों पर बंशीधर ब्रजवासी का यू-टर्न, बोले- मैं पार्टी में नहीं गया, CM से मिलने पहुंचा था

INT News1 November 2026 at 01:31 pm

Banshidhar Brajwasi: बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद भाजपा में शामिल होने को लेकर चर्चा में आए बंशीधर ब्रजवासी ने अब अपने बयान से नया मोड़ ला दिया है. शनिवार को भाजपा की सदस्यता लेने की खबरों के बीच देर रात उन्होंने वीडियो जारी कर साफ किया कि वे किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं. उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मिलने गए थे. इस मुलाकात का मकसद शिक्षकों के मुद्दों पर बातचीत करना था.

ब्रजवासी के इस बयान के बाद उनकी भाजपा में एंट्री को लेकर उठे सवाल और तेज हो गए हैं. इससे पहले भाजपा कार्यालय में उनके पार्टी की सदस्यता लेने की खबर सामने आई थी. उन्होंने खुद भी भाजपा में शामिल होने की बात कही थी. अब वीडियो जारी कर इससे इनकार करने के बाद बिहार की सियासत में नया विवाद खड़ा हो गया है.

बंशीधर बोले- शिक्षकों के मुद्दों पर पहले भी साथ था, आगे भी रहूंगा

देर रात जारी वीडियो में बंशीधर ब्रजवासी ने कहा कि सोशल मीडिया पर उनकी सदस्यता को लेकर कई तरह की खबरें चल रही हैं. कुछ लोग कह रहे हैं कि उन्हें किसी पार्टी में नहीं जाना चाहिए था और ऐसा करने पर उनकी विधान परिषद सदस्यता जा सकती है.

उन्होंने अपने समर्थकों और शिक्षकों से कहा कि वे उन पर भरोसा रखें. ब्रजवासी के मुताबिक, वे हमेशा शिक्षकों के मुद्दों के साथ खड़े रहे हैं और आगे भी रहेंगे. उन्होंने कहा कि वे अपने मुद्दों, भावनाओं, सिद्धांतों और तेवर के साथ शिक्षकों के बीच बने रहेंगे.

ब्रजवासी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें स्नेह से मिलने के लिए बुलाया था. मुलाकात में शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है, ताकि शिक्षक अपनी समस्याएं उनके सामने रख सकें और उनका समाधान निकाला जा सके.

पहले भाजपा में शामिल होने की आई थी खबर

विधान परिषद चुनाव में तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी ने लगातार दूसरी बार निर्दलीय जीत दर्ज की है. चुनाव परिणाम आने के बाद शनिवार को उनके भाजपा में शामिल होने की खबर सामने आई थी. भाजपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी की सदस्यता लेने की बात भी कही गई थी.

उस समय ब्रजवासी ने कहा था कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें छोटे भाई की तरह मानते हैं. चुनाव जीतने के बाद मुख्यमंत्री ने उनसे बात की थी. उन्होंने शिक्षक हित में किसी के साथ जाने की बात कही थी. इसी वजह से भाजपा की सदस्यता लेने का फैसला किया.

लेकिन देर रात जारी वीडियो में उन्होंने कहा कि वे भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं, बल्कि मुख्यमंत्री से शिक्षकों के मुद्दों पर मिलने गए थे. उनके इस बदले हुए रुख ने पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया है.

जेडीयू के हारे उम्मीदवार आनंद पुष्कर ने उठाए सवाल

इस पूरे घटनाक्रम पर सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू के प्रत्याशी रहे आनंद पुष्कर ने भी सवाल उठाए हैं. निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज ने उन्हें चुनाव में हराया था. राहुल राज के भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद आनंद पुष्कर ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की.

उन्होंने भाजपा के बड़े नेताओं पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या गठबंधन धर्म का पालन केवल जेडीयू ही करेगी? उनके पोस्ट में छल और साजिश का भी जिक्र था. इस बयान को एनडीए के भीतर राजनीतिक खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है.

मनोज झा ने दोनों एमएलसी की सदस्यता रद्द करने की मांग की

भाजपा में शामिल होने की खबरों के बाद राष्ट्रीय जनता दल के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज की सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई थी. उन्होंने कहा कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दल-बदल कानून का उल्लंघन है.

हालांकि, ब्रजवासी ने अब भाजपा में शामिल होने से ही इनकार कर दिया है. ऐसे में उनकी सदस्यता को लेकर उठे सवालों के बीच उनके ताजा बयान ने मामले को नया मोड़ दे दिया है.

जेडीयू उम्मीदवारों को हराकर बने हैं एमएलसी

तिरहुत स्नातक सीट से बंशीधर ब्रजवासी ने जेडीयू उम्मीदवार अभिषेक झा को हराया था. वहीं, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय राहुल राज ने जेडीयू के आनंद पुष्कर को मात दी थी.

दोनों की जीत के बाद भाजपा में शामिल होने की खबरों ने राजनीतिक बहस छेड़ दी थी. अब ब्रजवासी के वीडियो बयान के बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर फिर सवाल उठ रहे हैं. फिलहाल, राहुल राज की भाजपा में एंट्री और ब्रजवासी के इनकार के बीच इस पूरे घटनाक्रम पर सबकी नजर बनी हुई है.