समाचार · मध्य प्रदेश
मजदूर की मौत के बाद नौगांव में चक्काजाम:परिजन बोले- मजदूरी के 50 की जगह 30 दिए, विरोध पर बेटा, मां-बाप ने डंडे मारे, राजीनाम नहीं किया तो जहर पिलाया
छतरपुर जिले के नौगांव में मजदूर की मौत के बाद परिजन ने चक्काजाम कर दिया। मृतक धर्मपाल अहिरवार की पत्नी ने कहा कि विवाद की शुरुआत धर्मपाल के आरोपी जीतेन्द्र उर्फ जीतू साहू से मजदूरी के 50 रुपए मांगने पर हुई थी। जीतू ने सिर्फ 30 रुपए दिए, इस पर कहासुनी हो गई, जिसके बाद 22 अक्टूबर 2026 को जीतेन्द्र, उसके पिता गौरीशंकर साहू और मां ने धर्मपाल को लाठी-डंडों से पीटा था। 27 अक्टूबर को जब पुलिस ने धर्मपाल को सीटी स्कैन के लिए छतरपुर ले जाने की सूचना दी, तो उनका बेटा उन्हें मंडी लेने पहुंचा। परिजन का आरोप है कि जीतेन्द्र और उसके माता-पिता ने धर्मपाल को सड़क से दुकान में बुलाकर पुराने मामले में राजीनामा करने का दबाव बनाया। मना करने पर उनके साथ फिर से मारपीट की गई और जबरन जहरीला पदार्थ पिला दिया। गंभीर हालत में नौगांव सिविल अस्पताल से जिला अस्पताल छतरपुर रेफर किए जाने के बाद दोपहर में धर्मपाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। हत्या का केस दर्ज करने की मांग पर चक्काजाम धर्मपाल की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोगों ने शव को तहसील चौराहे पर रखकर चक्काजाम कर दिया। परिजन की मांग है कि आरोपी जीतेन्द्र साहू, गौरीशंकर साहू और जीतू की मां के खिलाफ हत्या की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच, मेडिकल रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।