समाचार · छत्तीसगढ़
AI से लड़कियों की तस्वीरें दिखाकर शादी का झांसा:दुर्ग में फर्जी मैरिज ब्यूरो का खुलासा,1 आरोपी गिरफ्तार, QR कोड से करते थे ठगी
दुर्ग में शादी के लिए लड़की तलाश रहे लोगों को सोशल मीडिया पर फंसाकर ठगी करने वाले फर्जी मैरिज ब्यूरो का सुपेला पुलिस ने खुलासा किया है। आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर AI से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरें दिखाकर लोगों को शादी का भरोसा दिलाते थे। पसंद की लड़की से विवाह कराने के नाम पर QR कोड भेजकर शुरुआती तौर पर 2 हजार रुपए और इसके बाद अन्य रकम जमा कराई जाती थी। पैसे मिलते ही संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर उससे संपर्क बंद कर दिया जाता था। पुलिस ने इस मामले में संचालक परमानंद यादव (24) को गिरफ्तार किया है। मौके से मोबाइल, सिम कार्ड, कंप्यूटर, बैंक दस्तावेज और 1.64 लाख रुपए नकद सहित कुल 2 लाख 83 हजार 600 रुपए की संपत्ति जब्त की गई है। तीन नामों से सोशल मीडिया पर चला रहे थे मैरिज ब्यूरो पुलिस के मुताबिक, आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कल्याण मैट्रिमोनी, एलिट मैच मैट्रिमोनी और फ्यूचर पार्टनर नाम से प्रचार करता था। इसके लिए AI की मदद से तैयार काल्पनिक युवतियों की तस्वीरों और फर्जी मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल किया जाता था। दूसरे राज्यों में शादी के इच्छुक लोग इन विज्ञापनों को देखकर संपर्क करते थे। फोन पर बातचीत के बाद उनसे बायोडाटा भी मंगवाया जाता था। इस तरह विवाह के लिए जीवनसाथी तलाश रहे लोगों को भरोसे में लेकर ठगी का जाल फैलाया गया था। पसंद की लड़की से शादी का भरोसा, फिर QR कोड से वसूली आरोपी लोगों को उनकी पसंद की लड़की से शादी कराने का भरोसा दिलाता था। इसके बाद मैरिज काउंसलर के नाम से बनाए गए बैंक खातों के QR कोड भेजकर शुरुआती तौर पर 2 हजार रुपए और फिर अन्य रकम जमा कराई जाती थी। रकम खाते में पहुंचने के बाद संबंधित व्यक्ति का मोबाइल नंबर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता था और उससे संपर्क बंद कर दिया जाता था। पुलिस की जांच में विभिन्न बैंक खातों के खिलाफ भारत सरकार के समन्वय पोर्टल पर शिकायतें दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मारा छापा 29 अक्टूबर को सुपेला पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि उत्तर गंगोत्री भवन में यूनियन बैंक के पास स्थित एक परिसर के हॉल में एलिट मैच मैट्रिमोनी के नाम से फर्जी मैरिज ब्यूरो चलाया जा रहा है। यहां फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों के जरिए लोगों से साइबर धोखाधड़ी की जा रही थी। सूचना पर पुलिस टीम ने गवाहों के साथ मौके पर दबिश दी। वहां संचालक परमानंद यादव के साथ चार युवतियां काम करती मिलीं। तलाशी के दौरान कंप्यूटर, इंटरनेट वाई-फाई, कीपैड और एंड्रॉयड मोबाइल, सिम कार्ड, विभिन्न बैंक खातों की चेकबुक, भुगतान के QR कोड, मैरिज ब्यूरो के प्रचार वाले फ्लेक्स और ग्राहकों के मोबाइल नंबर व भुगतान की जानकारी वाले रजिस्टर बरामद किए गए। नौकरी का झांसा देकर युवतियों को बुलाया था पुलिस के अनुसार, मौके पर काम कर रही युवतियों ने पूछताछ में बताया कि उन्हें एक अच्छी कंपनी में नौकरी देने का झांसा देकर बुलाया गया था। उन्हें 7 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन देने का आश्वासन दिया गया था। इसके बाद दो दिन का प्रशिक्षण देकर मैरिज काउंसलर के रूप में ग्राहकों से बातचीत करने और QR कोड के जरिए भुगतान लेने का काम सौंपा गया था। जानकारी के मुताबिक, युवतियों को नौकरी के वास्तविक स्वरूप की जानकारी नहीं थी। तीन महीने से चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर पूछताछ में सामने आया कि आरोपी करीब तीन महीने से इस गतिविधि को संचालित कर रहा था। यहां प्रतिदिन लगभग 20 से 50 कॉल किए और प्राप्त किए जाते थे। अलग-अलग मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के जरिए लोगों से संपर्क और भुगतान की प्रक्रिया संचालित की जा रही थी। पुलिस अब जब्त दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच कर रही है। 26 मोबाइल फोन और 1.64 लाख नकद जब्त पुलिस ने मौके से विभिन्न बैंकों की चेकबुक, एक पासबुक और 1 लाख 64 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। इसके अलावा एयरटेल और वीआई के 16 सिम कार्ड, 22 कीपैड मोबाइल और चार एंड्रॉयड मोबाइल मिले हैं। इनमें मोटोरोला, वनप्लस और आईफोन शामिल हैं। कंप्यूटर सेट और एयरटेल कंपनी का इंटरनेट वाई-फाई भी जब्त किया गया है। पुलिस ने जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 83 हजार 600 रुपए बताई है। आरोपी न्यायिक रिमांड पर भेजा गया गिरफ्तार आरोपी की पहचान परमानंद यादव (24), निवासी ग्राम ओटेबंद, थाना नंदनी, अहिवारा, जिला दुर्ग और वर्तमान पता नेहरू नगर ईस्ट के रूप में हुई है। उसके खिलाफ सुपेला थाने में अपराध क्रमांक 1630/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 319(2) में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।