समाचार · छत्तीसगढ़
चक्रवात से फसलों को नुकसान, प्रशासन ने सर्वे शुरू किया:कांग्रेस अध्यक्ष ने खेतों में पहुंचकर लिया जायजा, किसानों ने मांगा मुआवजा
बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात ‘अरनब’ के असर से राजनांदगांव जिले में बेमौसम बारिश हुई। इससे धान समेत अन्य फसलों को नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन ने फसल क्षति का सर्वे शुरू कर दिया है। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार ने प्रभावित खेतों का दौरा किया। उन्होंने धान की गिरी और पानी में डूबी फसलें देखीं और किसानों से बात की। उन्होंने राज्य सरकार से फसल नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कृषि, उद्यानिकी और राजस्व विभाग को मिलकर खेतों में सर्वे करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने तहसीलदारों और विभागीय अधिकारियों से प्रभावित गांवों में जाकर फसल नुकसान का आकलन करने को कहा है। अधिकारियों को तय प्रपत्र में सर्वे रिपोर्ट जल्द तैयार कर देने के निर्देश भी दिए गए हैं। रिपोर्ट राज्य शासन को भेजी जाएगी, ताकि नियमों के अनुसार प्रभावित किसानों को आर्थिक सहायता दी जा सके। भू-अभिलेख विभाग के मुताबिक, 1 जून 2026 से अब तक जिले की 7 तहसीलों में कुल 7184.1 मिमी बारिश दर्ज की गई है। औसत बारिश 1026.3 मिमी रही। चक्रवात के असर से हाल में जिले में औसतन 3.8 मिमी और कुल 26.5 मिमी बारिश हुई। अब तक सबसे ज्यादा 1288.3 मिमी बारिश राजनांदगांव तहसील में दर्ज की गई है। तहसीलवार कुल बारिश का ब्योरा जिले की तहसीलों में अब तक सबसे ज्यादा 1131.4 मिमी बारिश कुमरदा में हुई है। डोंगरगढ़ में 1009.7 मिमी, लाल बहादुर नगर में 1003.5 मिमी, घुमका और छुरिया में 923.5-923.5 मिमी और डोंगरगांव में 904.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आज राजनांदगांव में सबसे ज्यादा 8.2 मिमी बारिश हुई। घुमका में 4.5 मिमी, डोंगरगांव में 2.5 मिमी, कुमरदा में 2.4 मिमी, लाल बहादुर नगर में 1.5 मिमी और छुरिया में 1.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।