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पलामू में 72 घंटे की बारिश से धान की फसल बर्बाद, खेतों में गिरकर पानी में डूबी

INT News31 October 2026 at 02:43 pm

पाटन (पलामू): जिले में पिछले 72 घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश और तेज हवा ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिरकर पानी में डूब गई है. वहीं, कई किसानों ने धान की कटनी कर उसे खेतों में सुखाने के लिए रखा था, लेकिन लगातार बारिश के कारण वह फसल भी पानी में भीगकर बर्बाद हो गई. पाटन प्रखंड के कमोबेश सभी गांवों में सैकड़ों एकड़ भूमि पर लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचा है. बारिश के कारण किसान और पशुपालक परेशान हैं. इसका असर बाजार और कारोबार पर भी पड़ा है. लगातार बारिश के कारण लोग घरों से निकलने से परहेज कर रहे हैं, जिससे दुकानदारों का व्यवसाय प्रभावित हो रहा है.

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अच्छी पैदावार की उम्मीद पर फिरा पानी

किसानों ने बताया कि महंगे दामों पर खाद और बीज खरीदकर काफी मेहनत से धान की खेती की थी. इस बार फसल भी अच्छी हुई थी और पककर तैयार हो गई थी. किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन बेमौसम बारिश और तेज हवा ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया. निमियां-टूसरा गांव के किसान पारसनाथ सिंह ने बताया कि उन्होंने पांच एकड़ भूमि में धान की खेती की थी. फसल पूरी तरह पककर तैयार हो गई थी, लेकिन बेमौसम बारिश ने उनकी पूरी मेहनत बर्बाद कर दी. वहीं, अरुण सिंह ने बताया कि उनके चार एकड़ में लगी धान की फसल तेज हवा और बारिश के कारण खेत में गिर गई है. बैजनाथ सिंह ने भी तीन एकड़ भूमि में लगी धान की फसल बर्बाद होने की बात कही.

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3800 हेक्टेयर में हुआ था धान का आच्छादन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष पाटन प्रखंड में करीब 3800 हेक्टेयर भूमि में धान का आच्छादन हुआ था. प्रखंड कृषि पदाधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि तेज हवा और बारिश से फसल को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है. आंकड़े तैयार होने के बाद जिला कार्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी. उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने फसल बीमा कराया है, उन्हें बीमा कंपनी के माध्यम से क्षतिपूर्ति मिलेगी. वहीं, जिन किसानों ने बीमा नहीं कराया है, उन्हें नुकसान के मुआवजे के लिए अंचल कार्यालय में आवेदन देना होगा.