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मानसा में कर्ज सीमा बढ़ाने के खिलाफ किसानों का धरना:फैसला वापस लेने की मांग, नहीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने सहकारी सोसायटियों में कर्ज की सीमा बढ़ाने और ब्याज दरों में की गई बढ़ोतरी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन के बैनर तले किसानों ने मानसा स्थित डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय के बाहर जोरदार धरना प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने यह किसान विरोधी फैसला जल्द वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। खाद और कृषि सामग्री खरीदने में आ रही परेशानी धरने को संबोधित करते हुए बीकेयू उगराहां के जिला प्रधान राम सिंह भैणी बाघा, जोगिंदर सिंह दियालपुरा, इंदरजीत सिंह झब्बर, जगसीर सिंह जवाहरके और कुलदीप सिंह कोरवाला ने कहा कि सरकार द्वारा कर्ज की सीमा बढ़ाने से किसानों को खाद, बीज व अन्य जरूरी कृषि सामग्री प्राप्त करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों पर बढ़ा बोझ किसान नेताओं ने नए नियमों पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि सरकार ने नई सीमा के तहत 5 एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों के लिए ब्याज दरें बढ़ा दी हैं, जो उनके साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि किसान इस समय पहले से ही धान की कटाई और आगामी गेहूं की बिजाई की तैयारियों में व्यस्त हैं। ऐसे ऐन मौके पर सरकार का यह फैसला किसानों पर आर्थिक बोझ डालने वाला है। फैसला वापस न लेने पर बड़े आंदोलन का ऐलान किसान नेताओं ने मांग की है कि सहकारी सोसायटियों में बढ़ाई गई कर्ज सीमा और बढ़ी हुई ब्याज दरों के फैसले को तुरंत रद्द किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में जिले और राज्य स्तर पर प्रदर्शन को और व्यापक बनाया जाएगा।