समाचार · मध्य प्रदेश
देवउठनी तक भगवान विट्ठल की चरण पादुकाओं का पूजन होगा
रहली| विशाल मेले के साथ श्रीदेव पंढरीनाथ मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय आषाढ़ उत्सव का समापन हुआ। मेले के मौके पर बुधवार शाम भगवान राधा-कृष्ण का रूप धारण कर बच्चों ने दूध-दही से भरी भटकी फोड़ी। मटकी का टुकड़े लूटने श्रद्धालु टूट पड़े। मान्यता है कि मटकी के टुकड़े लूटकर रखने से घर मे सम्पन्नता आती है। मेला रात तक चला। रात में धर्मिक कार्यक्रम हुए। उत्सव व मेले के दौरान भगवान विट्ठल के दर्शन करने दूर-दूर के श्रद्धालु रहली पहुंचे। पंडित अजित सप्रे बताते हैं कि श्रीदेव पंढरीनाथ मंदिर में दो प्रमुख उत्सव मनाए जाते हैं। आषाढ़ मास में देवशयनी एकादशी से पूर्णिमा तथा कार्तिक माह में देवउठनी एकादशी से पूर्णिमा तक। देवशयनी एकादशी से देवउठनी एकादशी तक भगवान विट्ठल की पादुकाओं का पूजन होता है इसलिए दोनों एकादशी पर भगवान विट्ठल की पादुकाओं को पालकी में रख शोभायात्रा निकाली जाती है और पादुकाओं का जल विहार कराया जाता है।