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अबोहर के शवगृह पर लगाए ताले:दीवारों पर चिपकाए नोटिस, परिजनों और समाज में नाराजगी; सीनियर डिप्टी मेयर ने उठाए सवाल
मानसा में शव विवाद के बीच अबोहर के सरकारी अस्पताल के शवगृह पर ताला लगा दिया गया है। दीवारों पर चेतावनी नोटिस चिपकाए गए हैं। नोटिस में लिखा है कि बिना अनुमति कोई भी शवगृह में नहीं जा सकता। नियम तोड़ने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस फैसले से मृतकों के परिजन और वाल्मीकि समाज नाराज है। नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर धर्मवीर मलकट ने इस व्यवस्था की आलोचना की। उन्होंने 15 साल में पहली बार शवगृह पर ताला देखा है। मलकट ने आरोप लगाया कि अजय के परिजनों को भी शव देखने के लिए डॉक्टर से चाबी लेनी पड़ती है। पुलिस की मौजूदगी में ही वे शवगृह तक पहुंच पाते हैं। उन्होंने इसे प्रशासन का तानाशाही रवैया बताया। ‘आंदोलन को राजनीतिक रंग दे रहे लोग’ मृतक अजय का शव 9 दिन से शवगृह में है। उनके रिश्तेदार मास्टर संजय ने कहा कि कुछ लोग इस आंदोलन को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी पार्टी की नहीं, बल्कि वाल्मीकि समाज के इंसाफ की लड़ाई है। पिछले 9 दिनों से धरना जारी है, जिसमें कई नेता समर्थन देने पहुंच रहे हैं। सफाई व्यवस्था प्रभावित, शहरवासियों की बढ़ी परेशानी दूसरी ओर आंदोलन और सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे होने की शिकायतें हैं। इससे दुकानदारों और आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने प्रशासन से मामले का जल्द समाधान निकालने की मांग की है।