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Jharkhand TGT Teacher 2016: 34 शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत, 2019 से मिलेंगे सेवा लाभ

INT News31 October 2026 at 06:53 pm

रांची. झारखंड हाइकोर्ट ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2016 के तहत नियुक्त 34 शिक्षकों को बड़ी राहत दी है. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि प्रार्थी शिक्षकों की नियुक्ति की तारीख फरवरी 2019 से मानी जाये. इसके साथ ही उन्हें वरीयता, वेतन वृद्धि, उच्चतर वेतनमान और वेतन निर्धारण समेत सभी परिणामी सेवा लाभ दिये जायें. हालांकि, इस अवधि का बकाया वेतन (बैक वेज) नहीं मिलेगा.

नियुक्ति में देरी शिक्षकों की गलती नहीं

जस्टिस दीपक रोशन ने कहा कि नियुक्ति में देरी शिक्षकों की गलती से नहीं हुई. वे उसी भर्ती प्रक्रिया में चयनित हुए थे, जिसके तहत अन्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति फरवरी 2019 में हुई थी. एक ही चयन प्रक्रिया से चुने जाने के बाद उन्हें वरिष्ठता में नुकसान नहीं होना चाहिए. इसलिए केवल नियुक्ति आदेश बाद में जारी होने के कारण उन्हें वरीयता और सेवा लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता.

अदालत ने अपने पूर्व के अजय कुमार मामले के फैसले का हवाला देते हुए शिक्षकों को वर्ष 2019 से नियुक्ति की काल्पनिक तिथि (नोशनल डेट) देने का आदेश दिया. साथ ही राज्य सरकार को पूरी प्रक्रिया 12 सप्ताह में पूरी करने का निर्देश दिया है.

अजय कुमार मामले के फैसले का दिया हवाला

प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि नियुक्ति में देरी मुकदमेबाजी के कारण हुई थी. इसमें शिक्षकों की कोई गलती नहीं थी. उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला 10 जुलाई 2026 को अजय कुमार बनाम झारखंड राज्य में दिये गये फैसले से पूरी तरह कवर होता है.

अधिवक्ता के अनुसार, शिक्षकों को सेवा लाभ नहीं देना संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 21 का उल्लंघन होगा. वहीं, राज्य सरकार ने न तो नियुक्ति पर और न ही अजय कुमार फैसले के लागू होने पर आपत्ति जतायी. सरकार ने केवल इतना कहा कि प्रत्येक याचिकाकर्ता के दावे की संबंधित अधिकारी रिकॉर्ड की जांच के बाद समीक्षा करें.

जेएसएससी विज्ञापन संख्या 21/2016 से जुड़ा है मामला

यह मामला जेएसएससी की विज्ञापन संख्या 21/2016 के तहत प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) नियुक्ति से जुड़ा है. याचिकाकर्ताओं ने इतिहास, नागरिक शास्त्र, भूगोल, अर्थशास्त्र, वाणिज्य, शारीरिक शिक्षा, कुड़ुख, संस्कृत, नागपुरी, अंग्रेजी, गणित, भौतिकी, जीव विज्ञान, रसायन और हिंदी समेत विभिन्न विषयों में आवेदन किया था.

2019 में कुछ अभ्यर्थियों की हो गयी थी नियुक्ति

इन्हीं पदों पर कुछ अभ्यर्थियों की नियुक्ति लातेहार जिले में फरवरी 2019 में हो गयी थी. बाद में याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति संशोधित राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट के आधार पर वर्ष 2023 में हुई. इस कारण उन्हें वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभों में नुकसान हो रहा था.

13 अनुसूचित जिलों के आरक्षण विवाद से अटकी थी नियुक्ति

याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति में देरी 13 अनुसूचित जिलों में शत-प्रतिशत स्थानीय निवासी आरक्षण से जुड़े विवाद के कारण हुई थी. हाइकोर्ट के पूर्णपीठ ने वर्ष 2020 में इस व्यवस्था को रद्द कर दिया था. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.

सुप्रीम कोर्ट ने नयी भर्ती कराने के बजाय विज्ञापन संख्या 21/2016 के आधार पर ही राज्यस्तरीय मेरिट लिस्ट संशोधित कर नियुक्ति करने का निर्देश दिया. इसी आदेश के आधार पर याचिकाकर्ताओं को वर्ष 2023 में नियुक्ति मिली.