समाचार · छत्तीसगढ़
मैनपाट की बेशकीमती जमीन का फर्जीवाड़ा, एक आरोपी गिरफतार:कलेक्टर के निर्देश पर दर्ज हुई एफआईआर,राजस्व रिकार्ड में गड़बड़ी कर दूसरे को बेची जमीन
सरगुजा के प्रमुख पर्यटन स्थल मैनपाट में बेशकीमती सरकारी जमीन के राजस्व रिकार्ड में छेड़छाड़ कर निजी लोगों का नाम दर्ज कर खरीद बिक्री के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर मामले में आजाद इराकी सहित पांच लोगों के खिलाफ कमलेश्वरपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। एक आरोपी तुलेश्वर गुप्ता 50 वर्ष निवासी कापू को पुलिस ने आज गिरफ्तार किया। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट तहसील के ग्राम केसरा में स्थित भूमि खसरा नंबर 1378 रकबा 3.46 हेक्टेयर भूमि की कूटरचना से खरीद-बिक्री की शिकायत भाजपा नेता आलोक दुबे ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से की थी। कलेक्टर ने मामले की जांच कराई। जांच रिपोर्ट में हुआ धोखाधड़ी का खुलासा जांच में पता चला कि 1954-55 के अधिकार अभिलेख का अंतिम खसरा नंबर 650 है। जिससे अधिकार अभिलेख में खसरा नंबर 1378 की प्रविष्टि नहीं हो सकती थी। खसरा नंबर 1378 रिनंबरिंग खसरा नंबर है, जो पहली बार 1995-96 में राजस्व दस्तावेजों में आया है। 1954-55 के अधिकार अभिलेख में खसरा नंबर 1378 की प्रविष्टि बाद में कूटरचना कर विजय सिंह पिता चंद्रचूढ़शरण सिंहजूदेव के नाम पर की गई। उक्त भूमि को विजय सिंह पिता चंद्रचूढुशरण सिंहदेव के मुख्तार आम दिलीप चिकवा तथा तुलेश्वर गुप्ता पिता गणेश गुप्ता के द्वारा आजाद इराकी, अनुपम कुमार सिंह को बेचा गया था। 9 वर्ष की उम्र में भू स्वामी चंद्रचूढ़शरण सिंहदेव धरमजयगढ़ के राजा थे। जब विजय सिंह ने फर्जी तरीके से जमीन अपने नाम चढ़वा ली थी। जिस वर्ष जमीन उनके नाम चढ़वाई गई, तब उनकी उम्र 9 वर्ष थी। इसी के चलते पूरा फर्जीवाड़ा सामने आ गया। बंदोबस्त वर्ष 1995-96 में भी खसरा नंबर 1378 शासकीय भूमि के रूप में छोटे झाड़ जंगल मद में ही दर्ज है। भाजपा नेता व पार्षद आलोक दुबे ने इसी आधार पर शिकायत करते हुए दस्तावेज उपलब्ध कराया था। एफआईआर के बाद पहली गिरफ्तारी मामले में कमलेश्वरपुर पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है। गिरफ्तार आरोपी तीरथ गुप्ता ने मामले में गड़बड़ी में शामिल होना स्वीकार किया है।