समाचार · मध्य प्रदेश
टीकमगढ़ में दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित:कलेक्टर ने डीएपी की अनियमितता और ज्यादा कीमत पर बिक्री के मामले में की कार्रवाई
टीकमगढ़ में शनिवार को कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय के निर्देश पर कृषि विभाग ने दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित कर दिए। बड़ागांव धसान और पलेरा की इन फर्मों पर डीएपी खाद के भंडारण और बिक्री में नियमों के उल्लंघन का आरोप है। वहीं, थोक विक्रेता मैसर्स सुरेश एंड कंपनी को नोटिस देकर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। बड़ागांव धसान और पलेरा की फर्मों पर कार्रवाई उप संचालक कृषि मनोज कश्यप के जारी आदेश के मुताबिक, बड़ागांव धसान की मैसर्स भव्या ट्रेडिंग कंपनी की आईडी पर मिले डीएपी खाद की मात्रा में अनियमितता पाई गई। जांच में सामने आया कि किसानों को खाद देने के बजाय उसका नियमों के खिलाफ भंडारण किया गया था। कंपनी का जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर उसका उर्वरक विक्रय लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। पलेरा की मैसर्स आध्या ट्रेडिंग कंपनी के प्रोपराइटर आशीष कुमार गुप्ता के खिलाफ तय दर से ज्यादा कीमत पर डीएपी बेचने, किसानों को परेशान करने और ऑनलाइन टोकन होने के बावजूद खाद नहीं देने की शिकायतें मिली थीं। जांच में शिकायतें सही पाए जाने के बाद कंपनी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया। उसकी ई-विकास पोर्टल आईडी बंद करने की कार्रवाई भी की जा रही है। थोक विक्रेता से तीन दिन में जवाब मांगा टीकमगढ़ की थोक खाद विक्रेता मैसर्स सुरेश एंड कंपनी को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में जय श्रीराम ट्रेडर्स, पलेरा को खाद बेचने से जुड़े दस्तावेजों के आधार पर अनियमितता का उल्लेख किया गया है। कंपनी ने पहले दी गई जानकारी में बताया था कि जय श्रीराम ट्रेडर्स का लाइसेंस 22 अप्रैल 2025 को समाप्त हो गया था। इसके बाद भी उसे खाद देने के मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के उल्लंघन का जिक्र किया गया है। विभाग ने कंपनी को नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर जरूरी दस्तावेजों के साथ जवाब देने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लाइसेंस निलंबित या निरस्त करने सहित वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन ने कहा है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़, खाद की तय कीमत से ज्यादा वसूली और नियमों के खिलाफ भंडारण या वितरण के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा।