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AK-47 जब्ती कांड: जेल में बंद अधिवक्ता संदीप सिन्हा से पूछताछ करेगी NIA, कोर्ट ने दी रिमांड

पटना: एके-47 राइफल और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामदगी से जुड़े मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) के विशेष न्यायाधीश विपिन कुमार की अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है. अदालत ने मामले में आरोपित और जेल में बंद अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा को पूछताछ के लिए चार दिनों की एनआईए पुलिस रिमांड पर सौंपने का निर्देश जेल अधीक्षक को दिया है. एनआईए की विशेष टीम ने अदालत में विधिवत अर्जी दाखिल कर आरोपित से गहन पूछताछ के लिए रिमांड की मांग की थी. जांच एजेंसी ने अदालत को अवगत कराया कि अधिवक्ता से पूछताछ करने पर इस हथियार मामले से जुड़े कुछ और अहम खुलासे हो सकते हैं.
एक से चार नवंबर तक होगी पूछताछ
अदालत द्वारा तय समय-सारणी के अनुसार आरोपित की रिमांड अवधि 1 नवंबर 2026 की सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर 4 नवंबर 2026 की शाम 4:00 बजे तक प्रभावी रहेगी. इसके साथ ही न्यायालय ने मामले में बरामद सभी सामग्रियों को वैज्ञानिक परीक्षण के लिए फोरेंसिक लैब भेजने का निर्देश भी दिया है. विदित हो कि मुजफ्फरपुर जिले के फकुली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुघटिया ब्रिज के समीप पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एके-47, मैगजीन और गोलियां बरामद की थीं. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जांच एनआईए को सौंपी गई थी.
नौ नामजद और छह पर चार्जशीट
एनआईए ने इस पूरे प्रकरण में कांड संख्या आरसी 11/2024 दर्ज कर अनुसंधान को आगे बढ़ाया है. मामले में कुल नौ लोगों को नामजद आरोपित बनाया गया है. इनमें से छह आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) भी दाखिल किया जा चुका है. यह आरोपपत्र आर्म्स एक्ट की धारा 25 (1) (a) (a), 26, 35 और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13 एवं 18 के तहत समर्पित किया गया है. मामले में आरोपित अधिवक्ता को पुलिस ने हाजीपुर के जौहरी बाजार से गिरफ्तार किया था, जिनसे अब एनआईए के अधिकारी रिमांड पर लेकर पूछताछ करेंगे.
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