समाचार · मध्य प्रदेश
300 ग्रामीणों ने भूमि अधिग्रहण का विरोध किया:ज्ञापन सौंपकर आबादी क्षेत्र बचाने की मांग; 500 परिवारों पर असर की आशंका
रेलवे दोहरीकरण के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के विरोध में गुरुवार दोपहर घंसौर के करीब 300 ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आबादी क्षेत्र को अधिग्रहण से मुक्त रखने की मांग की।
ग्रामीणों ने कहा कि वे रेलवे दोहरीकरण के महत्व को समझते हैं, लेकिन निर्माण से घरों, जमीन और वहां वर्षों से रह रहे परिवारों के हितों पर असर नहीं पड़ना चाहिए। उनके मुताबिक, प्रस्तावित अधिग्रहण से करीब 500 परिवार प्रभावित हो सकते हैं। इससे आवास, जमीन और पुनर्वास की समस्या खड़ी होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने मांग की कि रेलवे लाइन और निर्माण के लिए उपलब्ध खाली जमीन का सर्वे कराया जाए। आबादी क्षेत्र को बचाने के लिए वैकल्पिक रास्ता या जगह तलाशने की भी मांग की गई।
लोगों के हितों का भी ध्यान रखें
ग्रामीणों का कहना है कि दोहरीकरण से रेल यातायात क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों का संचालन बेहतर होगा और रेल सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि विकास के साथ स्थानीय लोगों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। आबादी की जमीन लेने पर कई परिवारों को विस्थापन और आर्थिक नुकसान हो सकता है। ग्रामीणों ने अधिग्रहण के प्रस्ताव की दोबारा समीक्षा करने और प्रभावित मकानों व परिवारों का सर्वे कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि आगे की कार्रवाई से पहले उनकी आपत्तियां सुनी जाएं।
ये भी पहुंचे ज्ञापन देने
दीपक अग्रवाल, विजय तिवारी और राजेश दुबे सहित अन्य ग्रामीणों ने प्रशासन से उनकी मांगों पर विचार करने और रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर समाधान निकालने का आग्रह किया।