Saturday, 31 October 2026
INTइंडियन न्यूज़ ट्रस्टजहाँ सत्य मिले विश्वास से
ताज़ा खबरें

समाचार · छत्तीसगढ़

कोरबा में 24 घंटे में 20.02 मिमी बारिश:खेतों में गिरी पकी धान की फसल, कटाई में देरी और नुकसान की आशंका

INT News31 October 2026 at 01:48 pm

कोरबा जिले में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान अर्नब के असर से बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को दिनभर तेज हवा के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले में पिछले 24 घंटे के दौरान 20.02 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है। बारिश और तेज हवा के कारण खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिर गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। वहीं, लगातार बारिश का असर बांगो बांध के जलस्तर पर भी पड़ा है। बांध का जलस्तर 355.80 मीटर दर्ज किया गया है और जलभराव 77.89 प्रतिशत तक पहुंच गया है। बुधवार से बदला मौसम, शुक्रवार को भी रुक-रुककर बारिश जिले में बुधवार से ही मौसम का मिजाज बदलने लगा था। बुधवार को हल्की बारिश हुई, जबकि गुरुवार को तेज हवा के साथ अच्छी बारिश हुई। शुक्रवार सुबह भी आसमान में काली घटाएं छाई रहीं और रुक-रुककर रिमझिम बारिश होती रही। लगातार बदलते मौसम के कारण खेतों में खड़ी और पककर तैयार हो चुकी धान की फसल प्रभावित हुई है। कई जगह तेज हवा और बारिश के चलते फसल खेतों में गिर गई है। खेत में गिरी फसल की बालियों में अंकुरण का खतरा कृषि वैज्ञानिक डीपी तिवारी ने बताया कि खेत में खड़ी और नहीं कटी धान की फसल पर बारिश का अधिक असर नहीं होता, लेकिन फसल गिर जाने पर धान की बालियों में अंकुरण की समस्या बढ़ जाती है। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने बताई नुकसान की आशंका नकटीखार निवासी किसान और स्थानीय जनप्रतिनिधि अजीत दास महंत ने बताया कि उन्होंने कई एकड़ में धान की खेती की है। मौसम में बदलाव के कारण खेती में काफी परेशानी हो रही है। अगर बारिश का यही सिलसिला जारी रहा तो धान की फसल को नुकसान हो सकता है। वहीं, दादर निवासी किसान अरुण यादव ने बताया कि उनके खेतों में धान की फसल अच्छी हुई थी, लेकिन बारिश के कारण फसल गिर गई है। इससे नुकसान की आशंका बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि बाड़ी में लगाई गई सब्जियों में भी पानी भर गया है, जिससे फसल खराब हो रही है। करतला में सबसे ज्यादा 31.5 मिमी बारिश दर्ज जिले की अलग-अलग तहसीलों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश दर्ज की गई। इसमें करतला में सबसे ज्यादा 31.5 मिलीमीटर बारिश हुई। तहसीलवार आंकड़े इस प्रकार हैं— सर्वे कराकर मुआवजा देने की मांग बारिश और तेज हवा से फसल गिरने के बाद किसानों ने जिला प्रशासन से नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। किसानों का कहना है कि खेतों में हुई वास्तविक क्षति का आकलन कराया जाए और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।