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खरगोन में 800 से ज्यादा बाल स्वयंसेवकों का पथ संचलन:2 किमी तक कदमताल; वक्ता बोले- अहंकार कितना भी बड़ा हो, उसका अंत तय
खरगोन में विजयादशमी के उपलक्ष्य में शनिवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने बाल पथ संचलन निकाला। इसमें 800 से ज्यादा बाल स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में करीब 2 किलोमीटर तक कदमताल की। शहर में 10 से ज्यादा जगह सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया। घोष, ध्वज और दण्ड वाहिनी के साथ निकले स्वयंसेवकों ने संचलन किया। इससे पहले शाम 4 बजे अशोक सिंघल वाटिका में सभी स्वयंसेकक जुटे और बौद्धिक कार्यक्रम हुआ। मंच पर नगर संघचालक हुकुम वर्मा और मुख्य अतिथि डॉ. शशिकांत पाटीदार मौजूद रहे। जिला घोष प्रमुख रजनीश सावनेर ने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम ने मर्यादा में रहकर जीवन जिया, इसलिए उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम कहा गया। उन्होंने रावण का वध कर संदेश दिया कि अहंकार कितना भी बड़ा हो, उसका अंत तय है। रजनीश सावनेर ने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण का काम करता है। शाखा के जरिए बच्चों में अनुशासन, संस्कार और देशभक्ति के भाव विकसित किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यही बाल स्वयंसेवक भविष्य में राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाएंगे। अशोक सिंघल वाटिका से शुरू हुआ संचलन जवाहर मार्ग, फव्वारा चौक, बस स्टैंड, दाता द्वार, बिस्टान रोड, शिवाजी तिराहा, गुरुनानक चौराहा और तिलक पथ से गुजरा। इसके बाद यह वापस वाटिका पहुंचा।