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Cyclone से अभी राहत नहीं: आंध्र प्रदेश के तट से 3 नवंबर को फिर टकरा सकता है चक्रवाती तूफान

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र तेजी से मजबूत हो रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. इसके 3 नवंबर की सुबह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका है. मौसम विभाग ने शनिवार को इसकी जानकारी दी.
80 से 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि संभावित चक्रवाती तूफान के दौरान हवा की रफ्तार 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. यह सिस्टम मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुंच सकता है.
31 अक्टूबर को दबाव के क्षेत्र में बदला सिस्टम
आईएमडी के शनिवार दोपहर तीन बजे जारी बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी, उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और अंडमान सागर के ऊपर बना अवदाब का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा. 31 अक्टूबर को सुबह 11:30 बजे यह दबाव के क्षेत्र में बदल गया.
अगले 24 घंटे में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 12 घंटों में यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर और मजबूत हो सकता है. इसके बाद के 12 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका है.
2 नवंबर की शाम तक आंध्र तट के पास पहुंचेगा
आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम 2 नवंबर की शाम तक दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के आसपास के क्षेत्रों से गुजरते हुए आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुंच सकता है. इसके बाद 3 नवंबर को तट से टकराने की संभावना जताई गई है.
ओडिशा के कुछ जिलों में बारिश का अनुमान
मौसम विभाग ने ओडिशा के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान जताया है. भुवनेश्वर मौसम विज्ञान केंद्र की निदेशक मनोरमा मोहंती ने कहा कि विभाग इस सिस्टम की लगातार निगरानी कर रहा है. इसके आगे बढ़ने के साथ ही मौसम को लेकर नई जानकारी जारी की जाएगी.
क्या होता है अवदाब का क्षेत्र?
मौसम विज्ञान में अवदाब ऐसी स्थिति है, जो सामान्य निम्न दबाव के क्षेत्र से अधिक मजबूत होती है, लेकिन चक्रवाती तूफान से कम प्रभावशाली होती है. समुद्र के ऊपर अनुकूल परिस्थितियां मिलने पर यह सिस्टम और तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है.