Friday, 30 October 2026
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यूक्रेन ने फिर रूस के तेल ठिकाने को बनाया निशाना: रिफाइनरी पर ड्रोन स्ट्राइक, आग की लपटों से छाया धुआं

INT News30 October 2026 at 03:49 pm

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर रूसी ऊर्जा ठिकाने को निशाना बनाए जाने की खबर है. शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह रूस के समारा क्षेत्र में स्थित नोवोकुइबिशेव्स्क तेल रिफाइनरी पर संदिग्ध यूक्रेनी ड्रोन हमला हुआ. यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद रिफाइनरी में आग लग गई और आसमान में धुएं का गुबार दिखाई दिया.

दो हफ्ते बाद फिर शुरू हुए रूसी तेल ठिकानों पर हमले

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन ने रूसी तेल रिफाइनरियों पर हमलों में करीब दो सप्ताह का अनौपचारिक विराम लिया था. यह रोक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के दबाव के बाद आई थी. शुक्रवार को हुए कथित हमले को इसी विराम के खत्म होने और यूक्रेन की लंबी दूरी की हमलावर कार्रवाई दोबारा शुरू होने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

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ट्रंप प्रशासन के दबाव में रुके थे हमले

अखबार ने 29 अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में अधिकारियों के हवाले से बताया था कि लंबी दूरी के हमलों को अंजाम देने वाली यूक्रेनी सैन्य इकाइयों ने रूसी रिफाइनरियों को निशाना बनाने की कार्रवाई अनौपचारिक रूप से रोक दी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, यह विराम अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के बाद तक जारी रहने की उम्मीद थी. हालांकि, इस संबंध में किसी औपचारिक समझौते की जानकारी सामने नहीं आई है.

Rosneft की रिफाइनरी में आग लगने की खबर

यूक्रेनी मीडिया के मुताबिक, नोवोकुइबिशेव्स्क रिफाइनरी रूस की सरकारी नियंत्रण वाली तेल कंपनी रोसनेफ्ट के स्वामित्व में है. यह संयंत्र सालाना करीब 88 लाख मीट्रिक टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करता है. यहां विमानन ईंधन, पेट्रोल, डीजल, लुब्रिकेंट और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद बनाए जाते हैं. इससे पहले अगस्त 2026 में भी इस रिफाइनरी को ड्रोन हमले में निशाना बनाए जाने की खबर आई थी.

रूस की ईंधन आपूर्ति और कमाई पर दबाव बनाने की रणनीति

यूक्रेन लंबे समय से रूस की तेल रिफाइनरियों, ईंधन डिपो और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा है. कीव का उद्देश्य रूसी सेना के लिए ईंधन की आपूर्ति प्रभावित करना और युद्ध के खर्च के लिए इस्तेमाल होने वाले रूस के ऊर्जा राजस्व को नुकसान पहुंचाना है. हालांकि, ताजा हमले से रिफाइनरी को कितना नुकसान हुआ है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है.

रूसी हमलों में यूक्रेन में 19 लोगों की मौत का दावा

इस बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि रूस के हमलों में देशभर में 19 लोगों की मौत हुई और 71 लोग घायल हुए. घायलों में 11 बच्चे भी शामिल हैं. जेलेंस्की के मुताबिक, हमलों में निप्रो रेलवे स्टेशन और चेर्निहाइव तथा क्रेमेनचुक के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया. उन्होंने कहा कि कई घायलों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है.

जेलेंस्की ने यूरोपीय देशों से मांगी मदद

जेलेंस्की ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा से बातचीत के बाद यूक्रेन की वायु रक्षा मजबूत करने के लिए यूरोपीय संघ से और सहयोग की अपील की. उन्होंने कहा कि सर्दियों से पहले हवाई सुरक्षा और जरूरी बुनियादी ढांचे की रक्षा मजबूत करना महत्वपूर्ण है. जेलेंस्की ने रूस पर तनाव कम करने और युद्ध खत्म करने की कूटनीतिक कोशिशों को कमजोर करने का आरोप भी लगाया.

यूरोपीय संघ ने रूस पर दबाव बढ़ाने की बात कही

एंटोनियो कोस्टा ने यूक्रेन में नागरिक ठिकानों पर हुए हमलों की निंदा की और पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई. उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ यूक्रेन को समर्थन देता रहेगा और रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए कदम उठाएगा. कोस्टा ने अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से भी यूक्रेन के समर्थन में आगे आने की अपील की.

युद्ध के बीच सीजफायर को लेकर भी चर्चा

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने ओलेश्की के आसपास रूस और यूक्रेन के बीच सीजफायर लागू होने की घोषणा की थी. उनके मुताबिक, यह व्यवस्था तय समय से दो दिन पहले लागू हुई और इसका उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा तथा मानवीय सहायता पहुंचाना था. हालांकि, रूस की रिफाइनरी पर ताजा हमले की खबर बताती है कि युद्ध के अलग-अलग मोर्चों पर तनाव बना हुआ है.