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मानसा दलजीत सिंह मौत मामला-परिवार ने अंतिम संस्कार रोका:झोटा के समर्थन में धरने में पहुंची मां-पत्नी, गिरफ्तार युवकों की रिहाई की मांग
पंजाब के मानसा जिले के गांव भंमे के निवासी दलजीत सिंह की मौत के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। मृतक का शव मानसा लाते समय पुलिस द्वारा रास्ते में बैरिकेडिंग कर कब्जे में लेने और उसके बाद लखा सिधाना समेत कई युवा नेताओं पर मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किए जाने से परिजनों व ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। दलजीत सिंह की पत्नी और मां इंसाफ की गुहार लेकर मानसा में परविंदर सिंह झोटा के समर्थन में चल रहे पक्के धरने पर पहुंच गई हैं। परिजनों ने दोटूक रुख अपनाते हुए ऐलान किया है कि जब तक पुलिस द्वारा दर्ज केस रद्द नहीं किए जाते और लखा सिधाना सहित गिरफ्तार किए गए सभी युवाओं को रिहा नहीं किया जाता, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। शव कब्जे में लेने और गिरफ्तारियों पर भड़का गुस्सा गांव भंमे के समाजसेवी गुरप्रीत सिंह काला सिंह और सरपंच महेंद्र सिंह ने बताया कि दलजीत सिंह के पिता घर पर हैं, जबकि उनकी पत्नी, मां और बहन न्याय की मांग को लेकर मानसा धरने में डटी हुई हैं। समाजसेवी व पंचायत प्रतिनिधि परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त करने और अंतिम संस्कार के संबंध में बातचीत करने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान परिवार ने साफ कर दिया कि उनकी पहली और प्रमुख मांग गिरफ्तार युवा नेताओं की बिना शर्त रिहाई है। पंचायत का मिला समर्थन गांव भंमे की पंचायत और भारी संख्या में ग्रामीण भी मानसा धरना स्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। ग्रामीणों व पंचायत ने परिवार के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन की कार्रवाई से लोगों में नाराजगी है। परिवार की मांग है कि आरोपियों मोनजीत शेरों, लखा सिधाना और अन्य सभी हिरासत में लिए गए युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए।घटनाक्रम के दौरान दर्ज किए गए सभी पुलिस मामले रद्द किए जाएं। मांगें पूरी होने तक परिवार और समर्थक अंतिम संस्कार न करने के फैसले पर कायम हैं, जिससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।