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कभी दूसरों के खेतों में करती थीं मजदूरी, अब पढ़ाई के साथ परिवार का उठा रहीं खर्च, प्रयागराज की महिमा की कहानी

INT News29 October 2026 at 04:51 pm

UP News: कभी परिवार का पेट पालने के लिए दूसरों के खेतों में मजदूरी करने वाली प्रयागराज की 21 वर्षीय महिमा आज दूसरी लड़कियों के लिए मिसाल बन रही हैं. आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी. आज वह बीएससी की पढ़ाई करने के साथ सिलाई से कमाई कर रही हैं और परिवार की आर्थिक मदद भी कर रही हैं. इतना ही नहीं, महिमा गांव-गांव जाकर बेटियों को स्कूल भेजने के लिए अभिभावकों को जागरूक भी करती हैं. उनके जीवन में यह बदलाव गैर-सरकारी संस्था 'एजुकेट गर्ल्स' और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) से जुड़ने के बाद आया.

परिवार चलाने के लिए खेतों में करती थीं मजदूरी

महिमा के परिवार की आर्थिक स्थिति शुरू से कमजोर रही है. परिवार के पास खेती की अपनी जमीन नहीं है और उनके पिता बाहर मजदूरी करते हैं. घर की सबसे बड़ी बेटी होने के कारण महिमा को भी अपनी मां और भाई-बहनों के साथ दूसरों के खेतों में मजदूरी करनी पड़ती थी. आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी. हालांकि, पहले वह लोगों के सामने अपनी बात रखने में झिझकती थीं और उनमें आत्मविश्वास की कमी थी.

'टीम बालिका' से जुड़कर बदली जिंदगी

महिमा के जीवन में बदलाव तब आया, जब वह गैर-सरकारी संस्था 'एजुकेट गर्ल्स' की 'टीम बालिका' से जुड़ीं. उन्होंने गांव में घर-घर जाकर अभिभावकों को बेटियों की शिक्षा का महत्व समझाना शुरू किया. साथ ही स्कूल से दूर रहने वाली लड़कियों के दाखिले के लिए भी प्रयास किए. महिमा ने विद्या कुंभ और समर कैंप जैसे कार्यक्रमों में भी भाग लिया. लगातार लोगों से बातचीत करने और कार्यक्रमों में जिम्मेदारी निभाने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा.

सिलाई सीखकर शुरू की कमाई

महिमा ने आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरएसईटीआई) से सिलाई का प्रशिक्षण लिया. प्रशिक्षण के बाद उन्होंने सिलाई का काम शुरू किया. इससे होने वाली कमाई से अब वह अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के साथ परिवार की भी मदद कर रही हैं. महिमा के मुताबिक, अपनी मेहनत से पहली कमाई करना उनके लिए खास अनुभव था.

अब बिना झिझक लोगों के सामने रखती हैं बात

अपने अनुभव साझा करते हुए महिमा बताती हैं कि पहले वह काफी शांत रहती थीं और लोगों से बातचीत करने में झिझक महसूस करती थीं. 'एजुकेट गर्ल्स' से जुड़ने के बाद उनका आत्मविश्वास बढ़ा. अब वह लोगों से आंख मिलाकर बात कर सकती हैं और अपनी राय भी खुलकर रखती हैं.

दूसरी लड़कियों को भी आगे बढ़ने के लिए कर रहीं प्रेरित

महिमा फिलहाल बीएससी की पढ़ाई जारी रखे हुए हैं. इसके साथ ही वह गांव की लड़कियों को शिक्षा हासिल करने और नए कौशल सीखने के लिए प्रेरित कर रही हैं. खेतों में मजदूरी से लेकर अपनी कमाई शुरू करने तक का उनका सफर दिखाता है कि शिक्षा और हुनर की मदद से आर्थिक मुश्किलों के बीच भी आगे बढ़ा जा सकता है.

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