समाचार · मध्य प्रदेश
छिंदवाड़ा में तीन दिन में एक बार मिल रहा पानी:56 टैंकरों के संचालन के लिए सिर्फ 22 वाहन, पार्षद बोले- फोन नहीं उठाते इंजीनियर
छिंदवाड़ा शहर में बारिश कम होने के चलते जल संकट गहराने लगा है। नगर निगम के कई क्षेत्रों में तीन-तीन दिन में एक बार पानी की सप्लाई हो रही है। इससे आमजन की परेशानी बढ़ रही है। जलप्रदाय व्यवस्था को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच शुक्रवार को सांसद विवेक बंटी साहू ने नगर निगम में समीक्षा बैठक ली। सभी वार्डों के पार्षदों की मौजूदगी में सांसद ने अधिकारियों से शिकायतों का निराकरण नहीं होने पर सवाल-जवाब किए। साथ ही आगामी दिनों में जल संकट से निपटने के लिए पहले से पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश दिए। पार्षदों ने इंजीनियरों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल बैठक में सांसद ने पार्षदों से उनके वार्डों की समस्याओं की जानकारी ली। इस दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें जलप्रदाय विभाग के इंजीनियरों को लेकर सामने आईं। पार्षदों ने आरोप लगाया कि संबंधित इंजीनियर फोन नहीं उठाते। कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का निराकरण नहीं होता। कई वार्डों में लगातार लीकेज की शिकायतें मिलने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्रवाई नहीं करते। पार्षदों ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाए और शिकायतों का समय पर निराकरण कराने की मांग की। सांसद बोले- आपसी समन्वय से ही होगा समाधान सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि जल संकट जैसी समस्या का समाधान आपसी तालमेल और समन्वय से ही संभव है। पार्षद अकेले जलप्रदाय की जिम्मेदारी नहीं उठा सकते और न ही नगर निगम अकेले इस समस्या से निपट सकता है। इसलिए अधिकारियों और पार्षदों को मिलकर अलग-अलग क्षेत्रों की समस्याओं पर ध्यान देना होगा। बैठक में सांसद ने निगम आयुक्त को अमृत-2 योजना की समीक्षा बैठक करने के निर्देश दिए। उन्होंने योजना से संबंधित जानकारी भी मांगी है। 56 टैंकरों के संचालन के लिए सिर्फ 22 वाहन नगर निगम के पास फिलहाल पानी के 56 टैंकर हैं, लेकिन इनके संचालन के लिए केवल 22 वाहन उपलब्ध हैं। इस स्थिति को देखते हुए सांसद ने प्रत्येक वार्ड में एक टैंकर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वाहन किराए पर लेने की बात भी कही। उन्होंने टैंकरों के संचालन में डीजल की कमी नहीं होने देने और नियमित रूप से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि जरूरत के समय वार्डों में पानी पहुंचाया जा सके। बैठक में महापौर विक्रम अहके, निगम आयुक्त सीपी राय, सांसद प्रतिनिधि रोहित पोफली सहित निगम के पार्षद, सभापति और अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।