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Hunkkaar के कोर्टरूम सीन से पहले Raghubir Yadav को पड़ा था दिल का दौरा, बोले- अजीब सुकून...

Raghubir Yadav on Hunkkaar: किसी भी एक्टर के लिए कैमरे के सामने अपनी आत्मा निचोड़कर रख देना आसान नहीं होता, लेकिन जब अगले ही दिन जिंदगी का सबसे भारी सीन शूट होना हो और रात को दिल का दौरा पड़ जाए, तो रूह कांप जाती है. जाने-माने एक्टर रघुबीर यादव के साथ बिल्कुल ऐसा ही हुआ. नई वेब सीरीज 'हुंकार: द रोर' के सबसे बड़े कोर्टरूम ड्रामे की शूटिंग से ठीक एक रात पहले उन्हें भयानक हार्ट अटैक (Raghubir Yadav Heart Attack) आया था. हर कोई सोच रहा था कि अब शूट टल जाएगा, लेकिन अस्पताल के उस दर्द से निकलकर वो सीधे सेट पर पहुंचे और कैमरे के सामने खड़े हो गए.
'हार्ट अटैक के दौरान मुझे एक अजीब सा सुकून मिल रहा था'
इस जानलेवा दर्द के बाद जब वो कटघरे में खड़े हुए, तो जो निकला उसने डायरेक्टर से लेकर क्रू तक को सन्न कर दिया. सीरीज के डायरेक्टर करण कपाड़िया के साथ बातचीत में इस पल को याद करते हुए रघुबीर यादव ने एक बेहद चौंकाने वाली बात कही. अपने किरदार 'बाप जी' के कन्फेशन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया,
“और उस हार्ट अटैक के दौरान, मुझे सच में एक अजीब तरह के सुकून का अहसास हो रहा था.”
जब डायरेक्टर ने उनसे पूछा कि क्या यह किसी सोची-समझी चाल का हिस्सा था, तो उन्होंने साफ कहा,
“अगर यह कोई सोची-समझी चाल होती, तो मुझे उनके शब्दों से ही पता चल जाता कि वो हालात को अपने हिसाब से मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं.”
'यह दर्द अंदर से अपने आप निकल आया'
दिल के इस दौरे और उस अजीब से सुकून का असर सीधे उनके अभिनय में नजर आया. उस सीन में उनकी कांपती आवाज और चेहरे के खौफ को देखकर जब करण ने पूछा कि उन्होंने इस आवाज और दर्द को कैसे तैयार किया, तो रघुबीर यादव ने बेहद सादगी से जवाब दिया,
“मैंने इसे बिल्कुल भी नहीं बनाया. यह अपने आप अंदर से बाहर आया. इसे बनाने की कोई जरूरत ही नहीं थी.”
उन्होंने आगे उस भारी दर्द की वजह बताते हुए कहा,
“हां, क्योंकि मैं बस अभी-अभी अपने बेटे के शव का अंतिम संस्कार करके लौटा था.”
उनका यह दर्द बनावटी नहीं था, बल्कि किरदार की तकलीफ उनके सीने में उतर चुकी थी.
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कोर्ट में दी वो गवाही, सन्न रह गया पूरा सेट
रघुबीर यादव के इस दर्दनाक कन्फेशन से ठीक पहले, कोर्ट के अंदर उस 17 साल की लड़की मीनू रावत की गवाही चल रही थी, जिसने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया था.
डायरेक्टर करण कपाड़िया ने बताया कि वो लड़की जब 11वीं बार अपनी आपबीती सुना रही थी, तो उन्होंने कैमरे को बिना हिलाए बिल्कुल उसके चेहरे के पास रखा. लड़की के वो शब्द आज भी कानों में गूंजते हैं,
“मैं 17 साल की थी. जब मैं 17 साल की थी तब मेरे साथ ऐसा नहीं होना चाहिए था. लेकिन यह मेरे साथ हुआ.”
इस एक लाइन ने कोर्टरूम में मौजूद जज, वकील और पुलिसवालों से लेकर सेट पर खड़े क्रू तक के पैरों तले जमीन खिसका दी थी.
'मैं उस सीन को करते हुए कम से कम 50 बार मरा हूं'
लड़की की उस बेबसी और उसके बाद बाप जी के इस कन्फेशन ने खुद रघुबीर यादव को अंदर तक तोड़ दिया था. इस रूह कंपा देने वाले अनुभव को बयां करते हुए रघुबीर यादव ने कहा,
“ईमानदारी से कहूं तो, इसे करते हुए मैं कम से कम 50 बार मरा हूं.”
वहीं डायरेक्टर करण कपाड़िया ने माना कि यह सीन इतना भारी था कि वो आज भी इससे उबर नहीं पाए हैं. करण ने कहा,
“सर, मैंने इसे एडिटिंग के दौरान और अपनी पूरी जिंदगी में कम से कम 100 से 200 बार देखा है. हर बार, यह मुझे अंदर तक झकझोर देता है... ऐसा लगता है कि ऐसे आदमी को बस मर जाना चाहिए. मैं आपको बता रहा हूं, इस पूरे सीन को देखते हुए मैं न जाने कितनी बार मरा हूं.”
क्या है 'हुंकार: द रोर' की पूरी कहानी?
Hunkkaar The Roar OTT Release: यह पूरा मंजर 6 एपिसोड की कोर्टरूम ड्रामा सीरीज 'हुंकार: द रोर' का है, जो जियोहॉटस्टार पर स्ट्रीम हो रही है. कहानी एक 17 साल की लड़की की है, जो 'बाप जी' नाम के एक बेहद रसूखदार और ताकतवर आध्यात्मिक गुरु के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ती है.
करण कपाड़िया और नित्या मेहरा की बनाई इस सीरीज में प्रियंका चोपड़ा जोनस एग्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर हैं, जबकि रघुबीर यादव, फातिमा सना शेख, जीशान अय्यूब और राम कपूर ने अपनी दमदार अदाकारी से इस कहानी को पर्दे पर उतारा है.
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