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36 घंटे की बारिश से धान की फसल गिरी:बलौदाबाजार में चक्रवात अर्नब का असर, किसानों को दाने की गुणवत्ता और पैदावार घटने का डर
बलौदाबाजार जिले में चक्रवात अर्नब के असर से पिछले 36 घंटों से लगातार बारिश हो रही है। इसका सीधा असर खेतों में कटाई के लिए तैयार धान की फसल पर पड़ा है। कई जगह फसल जमीन पर गिर गई है और खेतों में पानी भर गया है। किसानों ने दाने खराब होने और पैदावार में नुकसान की आशंका जताई है। खेत-खलिहान गीले होने के कारण कटाई का काम भी प्रभावित हो रहा है। खेतों में गिरी फसल, कटाई में हो रही देरी पलारी के झड़ी राम कनोजे, गिर्रा के रघुनंदन लाल वर्मा, लेटरा के रवि बंजारे और कोसमंदी के अखिलेश्वर वर्मा ने बताया कि दिवाली से पहले कटाई के लिए तैयार धान और हरहुना धान की फसल को बारिश से नुकसान हुआ है। लगातार पानी गिरने से खेतों में नमी बढ़ गई है और कई जगह फसल गिर गई है। खेतों में पानी भरा होने से कटाई में भी देरी हो रही है। गिर्रा के किसान रघुनंदन लाल वर्मा ने बताया कि उनके खेत में धान की फसल गिर गई है और पानी भर गया है। उनके मुताबिक, इससे 25 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने की आशंका है। फसल जमीन पर गिरने और पानी में डूबने से दानों की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। साथ ही कटाई में भी परेशानी आएगी। पलारी के झड़ी राम ने बताया कि पकने के अंतिम चरण में पहुंच चुकी हरहुना धान की फसल को ज्यादा नुकसान हो सकता है। लगातार बारिश से फसल में नमी बढ़ गई है। इससे दाना खराब होने और रोग लगने का खतरा है। खेतों में पानी भरने से जड़ें गलने का खतरा लेटरा निवासी रवि बंजारे के मुताबिक, धान कटाई में देरी होने से पैदावार प्रभावित हो सकती है। खेतों में पानी भरा होने के कारण कटाई कई दिनों तक टल सकती है। इससे फसल की गुणवत्ता घटने और बाजार में उचित मूल्य नहीं मिलने की आशंका है। वहीं, कोसमंदी निवासी अखिलेश्वर वर्मा ने बताया कि लेट वेराइटी के धान गिरकर पानी में डूब गए हैं। यदि जल्द खेतों से पानी नहीं निकाला गया तो जड़ें गलने से पूरी फसल खराब होने का खतरा है। पलारी में सबसे ज्यादा 40.6 मिमी बारिश दर्ज भू-अभिलेख कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को जिले में औसतन 23.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे ज्यादा 40.6 मिमी बारिश पलारी तहसील में हुई। तहसीलवार बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं: जिले में अब तक कुल 212.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है। कृषि विशेषज्ञ ने जल निकासी की दी सलाह कृषि विकास अधिकारी सुचिन वर्मा के मुताबिक, इस समय धान का दाना पक चुका है। बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ने से चावल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। साथ ही फसल में रोग लगने का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने किसानों को बारिश थमने के बाद खेतों से पानी की निकासी करने और जल्दबाजी में कटाई नहीं करने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने अगले 24 से 36 घंटों में और बारिश होने की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल किसान मौसम साफ होने और खेतों में जमा पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं।