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Uttarakhand Chopper Crash: 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान 4 हेलिकॉप्टर हादसे, 13 लोगों की गई थी जान

Uttarakhand Chopper Crash : उत्तराखंड के चमोली जिले में 30 अक्टूबर को एक हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया. हेलिकॉप्टर बदरीनाथ से देहरादून के सहस्रधारा की ओर जा रहा था. इसमें पायलट समेत छह लोग सवार थे. जोशीमठ के पास हेलिकॉप्टर का संपर्क टूटने के बाद दुर्घटना की सूचना सामने आई. हादसे के बाद राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया.
2025 में चारधाम यात्रा के दौरान हुए चार हादसे
उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर हादसों का सिलसिला नया नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार साल 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान ही चार हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं दर्ज की गई थीं. इन हादसों में दो दुर्घटनाएं जानलेवा साबित हुईं, जिनमें कुल 13 लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा यात्रा के दौरान कई बार तकनीकी खराबी और आपात लैंडिंग की घटनाएं भी सामने आई थीं.
8 मई: गंगनानी में हादसे में छह लोगों की मौत
8 मई 2025 को उत्तरकाशी के गंगनानी के पास एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. इस हादसे में छह लोगों की मौत हुई थी, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ था. जांच की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, हेलिकॉप्टर का मुख्य रोटर ब्लेड ऊपर से गुजर रहे फाइबर केबल से टकरा गया था. इसके बाद हेलिकॉप्टर सड़क पर उतरने की कोशिश के दौरान नियंत्रण खो बैठा और खाई में जा गिरा.
17 मई: केदारनाथ के पास एयर एंबुलेंस की इमरजेंसी लैंडिंग
17 मई को एम्स ऋषिकेश की एयर एंबुलेंस को केदारनाथ के पास एहतियातन उतारना पड़ा था. इस दौरान हेलिकॉप्टर का टेल बूम जमीन से टकरा गया और क्षतिग्रस्त हो गया. इस घटना में किसी की जान नहीं गई, लेकिन इसने पहाड़ी इलाकों में हेलिकॉप्टर संचालन से जुड़े जोखिमों को फिर सामने ला दिया.
7 जून: तकनीकी खराबी के बाद हाईवे पर उतरा हेलिकॉप्टर
7 जून को केदारनाथ जा रहे एक हेलिकॉप्टर में उड़ान भरते समय तकनीकी खराबी आ गई थी. इसके बाद पायलट ने हेलिकॉप्टर को हाईवे पर उतार दिया. इस घटना में यात्रियों को चोट नहीं आई, हालांकि सड़क किनारे खड़ी एक गाड़ी को नुकसान पहुंचा था.
15 जून: गौरीकुंड के पास हादसे में सात लोगों की मौत
15 जून को आर्यन एविएशन का बेल 407 हेलिकॉप्टर केदारनाथ से गुप्तकाशी लौटते समय गौरीकुंड के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. हेलिकॉप्टर में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई थी. शुरुआती जांच में खराब दृश्यता और घाटी में बादलों की मौजूदगी के कारण पहाड़ से टकराने की आशंका जताई गई थी. हालांकि, हादसे की विस्तृत वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होनी थी.
खराब मौसम और तकनीकी खराबी बनीं बड़ी वजहें
2025 में हुए हादसों और आपात लैंडिंग की घटनाओं में खराब मौसम, कम दृश्यता और तकनीकी खराबी जैसे कारण सामने आए थे. पहाड़ी क्षेत्रों में संकरी घाटियां, अचानक बदलता मौसम और बादलों की वजह से उड़ान के दौरान जोखिम बढ़ जाता है. ऐसे में पायलटों के लिए मौसम की स्थिति का सही आकलन करना बेहद जरूरी होता है.
हादसों के बाद सरकार और DGCA ने उठाए कदम
15 जून 2025 को हुए हादसे के बाद उत्तराखंड में हेलिकॉप्टर सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई थी. संबंधित ऑपरेटरों की सेवाओं और पायलटों की योग्यता की समीक्षा के निर्देश दिए गए. खराब मौसम में उड़ान भरने के मामलों को लेकर भी कार्रवाई हुई. बाद में पहाड़ी क्षेत्रों में उड़ान के लिए पायलटों के अनुभव और सुरक्षा मानकों से जुड़े दिशा-निर्देश सख्त किए गए.
चारधाम यात्रा में हेलिकॉप्टर सुरक्षा फिर चर्चा में
चारधाम यात्रा के दौरान केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हेलिकॉप्टर सेवाएं श्रद्धालुओं के लिए अहम हैं. लेकिन लगातार सामने आ रही दुर्घटनाएं और तकनीकी गड़बड़ियां सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं. ऐसे में मौसम की निगरानी, हेलिकॉप्टरों की तकनीकी जांच और पायलटों के अनुभव से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन जरूरी है.
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