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जमाबंदी रद्द करने के नियमों में बदलाव: अंचल अधिकारी से लेकर अपर समाहर्ता तक की प्रक्रिया तय, सीधे नहीं हटेगा नाम

INT News14 October 2026 at 06:09 am

पटना से कृष्ण कुमार की रिपोर्ट

सरकारी और सार्वजनिक भूमि पर अवैध रूप से कायम जमाबंदियों को रद्द करने से पहले उनकी विधिक प्रकृति और सृजन के आधार की विस्तृत जांच की जाएगी. संबंधित पक्षों को साक्ष्य प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने के बाद ही जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई होगी. इसके लिए अंचल अधिकारी को स्पष्ट तथ्यों और साक्ष्यों के साथ प्रस्ताव अपर समाहर्त्ता को भेजना होगा. ऐसी जमाबंदियों को सामान्य ऑनलाइन सुधार की प्रक्रिया के तहत सीधे विलोपित नहीं किया जा सकेगा.

किन जमीनों की होगी जांच

गैरमजरूआ आम,

गैरमजरूआ खास,

खासमहाल,

सरकार में निहित बकाश्त भूमि,

भू-हदबंदी के तहत अर्जित अधिशेष भूमि,

कैसर-ए-हिन्द, सैरात सार्वजनिक भूमि

जमीन की होगी जांच

इस दायरे में सार्वजनिक भूमि पर व्यक्तियों के नाम कायम जमाबंदियों की जांच की जाएगी. जांच में यह देखा जाएगा कि संबंधित भूमि की वास्तविक कानूनी स्थिति क्या है और जमाबंदी किस आधार पर कायम की गयी थी.

खतियान से लेकर न्यायालय के आदेश तक की होगी जांच

जांच के दौरान संबंधित खतियान, सरकारी भूमि पंजी, रैयतीकरण और अर्जन संबंधी अभिलेख, बंदोबस्ती अथवा पट्टा आदेश, पूर्व के राजस्व आदेश और न्यायालयीय आदेशों का परीक्षण किया जाएगा. केवल भूमि की श्रेणी या अभिलेख में बकाश्त की प्रविष्टि होने के आधार पर किसी जमाबंदी को स्वतः अवैध नहीं माना जाएगा. यदि संबंधित व्यक्ति वैध बंदोबस्ती, पट्टा या किसी अन्य विधिमान्य अधिकार का दावा करता है, तो उसकी भी समुचित जांच की जाएगी.

नियम के तहत होगी कार्रवाई

यदि जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया जाता है कि जमाबंदी का सृजन कानून या लागू कार्यपालक निर्देशों के विपरीत हुआ है, तो अंचल अधिकारी साक्ष्यों के साथ अपना प्रस्ताव अपर समाहर्त्ता को उपलब्ध कराएंगे. इसके बाद बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा 9 और संबंधित नियमों के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.

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प्राधिकार के आदेश के बाद ही बदलेगा रिकॉर्ड

जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया में संबंधित पक्षों को स्पष्ट आधार के साथ सूचना दी जाएगी. उन्हें अभिलेख और साक्ष्य प्रस्तुत करने तथा सुनवाई का अवसर देना अनिवार्य होगा. सक्षम प्राधिकार के प्रभावी आदेश और लागू न्यायालयीय निर्देशों के अनुरूप ही राजस्व अभिलेखों को अद्यतन किया जाएगा. इसका उद्देश्य सरकारी जमीन पर अवैध जमाबंदियों के मामलों में कार्रवाई के साथ वैध भूमि अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करना भी है.

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