Wednesday, 14 October 2026
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रेवाड़ी में बीडीपीओ पर 25 हजार का जुर्माना,:खरखड़ा में कूड़ा फेंकने और गंदा पानी बहाने पर एनजीटी ने की कार्रवाई

INT News14 October 2026 at 06:10 am

रेवाड़ी जिले के गांव खरखड़ा में खुले में कचरा डालने और गंदा पानी बहाने के मामले में हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (NGT) ने सख्त कार्रवाई करते हुए बीडीपीओ धारूहेड़ा पर 25 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है। बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय रेवाड़ी की ओर से जारी आदेशों में सात दिन के भीतर जुर्माने की राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत खरखड़ा के सरपंच को एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट में बहाए जा रहे गंदे पानी को तत्काल रोकने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम खरखड़ा निवासी प्रकाश यादव की ओर से खुले में कचरा फेंकने, उसे जलाने और गंदा पानी बहाने की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। शिकायत मिलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के फील्ड ऑफिसर ने 7 अक्टूबर 2026 को मौके का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गांव में खुले में ठोस कचरा फेंके जाने के साक्ष्य मिले। इसके साथ ही गांव का बरसाती और गंदा पानी एचएसवीपी की ग्रीन बेल्ट में छोड़ा जाना भी पाया गया। सात दिन में जमा करानी होगी जुर्माने की राशि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी की ओर से 7 अक्टूबर को जारी आदेश के अनुसार बीडीपीओ धारूहेड़ा पर 25 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है। संबंधित अधिकारी को सात दिन के भीतर यह राशि बोर्ड के खाते में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नियमों का पालन नहीं करने पर संबंधित पक्षों के खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। बोर्ड ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का हवाला देते हुए कचरे के उचित निस्तारण और गंदे पानी की निकासी रोकने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी के 4 अप्रैल 2024 के आदेश तथा मूल आवेदन संख्या 458/2023 के तहत भी नियमों की पालना सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। गांधी जयंती पर कचरे में आग लगाने का मामला भी उठा खरखड़ा में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों की नाराजगी पहले भी सामने आ चुकी है। आरोप है कि 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन ग्राम सभा के दौरान आईजी साउथ रेंज कार्यालय और एचएसवीपी रोड के पास नवनिर्मित जोहड़ के नजदीक कचरे के ढेर में आग लगा दी गई थी। इससे आसपास के क्षेत्र में धुआं और दुर्गंध फैलने की शिकायत सामने आई थी। खुले में कचरा डालने और उसे जलाने से आसपास रहने वाले लोगों के स्वास्थ्य तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी रहती है। एनजीटी में मामला विचाराधीन, 2 दिसंबर को अगली सुनवाई गांव में कूड़ा निस्तारण और खुले में कचरा डालने से जुड़े मामले में ग्रामीण की याचिका राष्ट्रीय हरित अधिकरण की प्रधान पीठ में विचाराधीन है। मामले में एनजीटी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सदस्य सचिव, ग्राम पंचायत खरखड़ा के सरपंच और उपायुक्त रेवाड़ी से जवाब मांग चुका है। इस मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर 2026 को निर्धारित है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ताजा कार्रवाई से गांव में कचरा प्रबंधन और गंदे पानी की निकासी का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित अधिकारी और ग्राम पंचायत निर्धारित समय में आदेशों की पालना कराते हैं या नहीं। ग्रामीणों को खुले में कचरा फेंकने, जलाने और गंदे पानी की समस्या से स्थायी राहत मिलना ही इस कार्रवाई की वास्तविक कसौटी होगी।