समाचार · उत्तर प्रदेश
UP के बलिया में रागिनी के बाद अब ज्योति का सपना होगा साकार: बैटरी साइकिल से मिली उड़ान, शिक्षक बनने की राह हुई आसान

UP News: कभी हालात ने ज्योति के कदम रोक दिये थे, अब प्रशासन की पहल उसके सपनों को पंख देने वाली है. सिकंदरपुर तहसील क्षेत्र के महुलानपार गांव की 19 वर्षीय दिव्यांग युवती कुमारी ज्योति आठवीं कक्षा के बाद विद्यालय आने-जाने की सुविधा के अभाव में पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गयी थी. शिक्षक बनने का सपना आंखों में था, लेकिन स्कूल तक पहुंचने का साधन नहीं था. ज्योति की परेशानी सामने आने के बाद जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने रविवार को उसके घर पहुंचकर मुलाकात की और उसकी पढ़ाई फिर शुरू कराने की पहल की.
ज्योति ने कहा- साधन मिले तो फिर पढ़ना चाहती हूं
डीएम ने ज्योति और उसके माता-पिता गुलाब चन्द्र प्रसाद व देवन्ती देवी से बातचीत कर उसकी दिव्यांगता, पढ़ाई और पारिवारिक परिस्थितियों की जानकारी ली. बातचीत के दौरान ज्योति ने अपनी इच्छा जाहिर की कि अगर स्कूल आने-जाने के लिए साधन मिल जाए तो वह दोबारा पढ़ाई शुरू करना चाहती है. ज्योति ने बताया कि उसका सपना पढ़-लिखकर शिक्षक बनने का है. उसकी बात सुनकर जिलाधिकारी ने उसका उत्साह बढ़ाया और पढ़ाई जारी रखने में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया.
बैटरी साइकिल और हेलमेट पाकर खिल उठा ज्योति का चेहरा
जिलाधिकारी ने ज्योति को बैटरी वाली साइकिल, हेलमेट, स्कूल बैग, चॉकलेट और अन्य सामग्री प्रदान की. बैटरी साइकिल मिलने से विद्यालय तक पहुंचने में आ रही उसकी सबसे बड़ी परेशानी दूर होने की उम्मीद है. एक ऐसा साधन, जो ज्योति के लिए महज साइकिल नहीं बल्कि दोबारा स्कूल लौटने और अपने शिक्षक बनने के सपने की ओर बढ़ने का जरिया बन गया है.
डीएम ने स्कूल में दाखिले का दिया निर्देश
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि ज्योति का विद्यालय में दाखिला कराया जाए, ताकि उसकी पढ़ाई दोबारा शुरू हो सके. प्रशासन की पहल से अब आठवीं के बाद थम गयी ज्योति की पढ़ाई फिर आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है.
दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी मौके पर मिला
डीएम ने मौके पर ही ज्योति को दिव्यांगता प्रमाण पत्र भी प्रदान किया. इसके अलावा खंड विकास अधिकारी को ज्योति के लिए शौचालय तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
रागिनी के बाद अब ज्योति की कहानी बनी उम्मीद
बलिया में जरूरतमंद बेटियों के सपनों को प्रशासनिक पहल से उड़ान मिलने की चर्चा के बीच अब ज्योति की कहानी भी नई उम्मीद लेकर सामने आयी है. रागिनी के बाद अब ज्योति के शिक्षक बनने के सपने को साकार करने की दिशा में प्रशासन ने कदम बढ़ाया है. ज्योति के लिए बैटरी साइकिल सिर्फ आवागमन का साधन नहीं, बल्कि उस रास्ते की शुरुआत है जो उसे दोबारा स्कूल और फिर उसके सपने तक ले जा सकता है.
अधिकारियों की मौजूदगी में हुई पहल
इस अवसर पर एसडीएम सिकंदरपुर, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, बीडीओ समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे. डीएम की पहल से ज्योति और उसके परिवार में खुशी का माहौल है. अब परिवार को उम्मीद है कि ज्योति की पढ़ाई आगे बढ़ेगी और एक दिन वह अपने शिक्षक बनने के सपने को हकीकत में बदल सकेगी.
UP Flood: यूपी में बाढ़ का विकराल रूप! 26 जिलों में 3.53 लाख लोग प्रभावित, बलिया के 48 गांव पानी में, आज फिर बारिश का अलर्ट