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कुरुक्षेत्र में हड़ताल के बीच सफाई कर्मी की मौत:कल से टेंशन में था रोहित; प्रधान बोले- हमारा क्या होगा दोहराता रहा, आज विरोध रोका
कुरुक्षेत्र में नगर परिषद (नप) थानेसर के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रविवार को कर्मी रोहित की मौत हो गई। रोहित हड़ताल में शामिल था और शनिवार देर शाम तक नप कार्यालय के बाहर चल रहे धरने में मौजूद रहा था। उसकी मौत की खबर कर्मचारियों तक पहुंची तो प्रदर्शन का माहौल अचानक शांत हो गया। आज रविवार को कर्मचारियों ने न तो नारेबाजी की और न ही धरना-प्रदर्शन को आगे बढ़ाया। कर्मचारी रोहित की अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उसे श्रद्धांजलि दी। 26 साल का रोहित वशिष्ट कॉलोनी में किराए के मकान में अपने परिवार के साथ रहता था। रोहित अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे एक बेटा और बेटी को छोड़ गया। कल से काफी टेंशन में था रोहित- सुनील सफाई कर्मचारी यूनियन के इकाई प्रधान सुनील लोहट के मुताबिक, वापस ज्वाइन करने के अल्टीमेटम को लेकर रोहित काफी टेंशन में था। शनिवार को भी वह देर शाम तक साथी कर्मचारियों के साथ धरने पर बैठा रहा। कल वो धरने पर यही कह रहा था कि हमारा क्या होगा ? उसके मन में अपनी ड्यूटी और जॉब को लेकर टेंशन चल रही थी। आज नहीं दिया धरना और न नारेबाजी आज उनको रोहित की मौत का पता चला, तो कर्मचारियों ने कुछ समय के लिए अपना विरोध रोक दिया। साथी कर्मचारी की अंतिम यात्रा में शामिल होकर उसे अंतिम विदाई दी। रोहित लंबे समय से उनके साथ काम कर रहा था और हड़ताल के दौरान भी वह लगातार आंदोलन में शामिल रहा। कल उनके बीच पहुंचे थे राज्य प्रधान कल शनिवार देर शाम प्रदेश सफाई कर्मचारी नेता नरेश शास्त्री भी थानेसर नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कार्यालय के नीचे धरना दे रहे कर्मचारियों को संबोधित किया। शास्त्री ने कर्मचारियों से एकजुट रहने और अपनी मांगों को लेकर आंदोलन जारी रखने की अपील की थी। धरने में कर्मचारियों की मुख्य चिंता सरकार की ओर से दिए गए वापस ड्यूटी ज्वाइन करने के अल्टीमेटम को लेकर बनी हुई है। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में हैं। 12-13 को CM आवास पर जुटेंगे कर्मचारी कर्मचारी नेताओं ने आंदोलन को अब प्रदेश स्तर पर आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। वे 12 और 13 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास पर बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें सफाई कर्मचारियों के साथ कर्मचारी संगठन, किसान संगठन और दूसरे संगठन भी शामिल होंगे। अलग-अलग संगठनों के एक साथ आने से आंदोलन को और मजबूती मिलेगी। हड़ताल के बीच कूड़े का संकट बढ़ा सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का असर शहर में साफ दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में सड़क किनारे, खाली जगहों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हैं। शहर में 1000 टन से ज्यादा कूड़ा जमा होने का अनुमान है। कई दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर कूड़ा हटाने की कोशिश कर रहे हैं। रविवार को नहीं चला सफाई अभियान रविवार को नगर परिषद की छुट्टी होने के कारण शहर में नियमित सफाई अभियान भी नहीं चलाया गया। ऐसे में पहले से जमा कूड़े को हटाने का काम आगे नहीं बढ़ सका। हड़ताल अगर आगे भी जारी रहती है तो नगर परिषद के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर से जमा कूड़े को हटाने की होगी।