Thursday, 27 August 2026
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छत्तीसगढ़ में पूर्व-सैनिक करेंगे बाल-संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा:सुरक्षा पर उठे सवाल, हाईकोर्ट में राज्य शासन का जवाब- सैनिक कल्याण बोर्ड को लिखा पत्र

INT News27 August 2026 at 12:53 pm

छत्तीसगढ़ के बाल संप्रेक्षण गृह की बदहाल सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेने की तैयारी चल रही है। चाइल्ड ऑफ सेफ्टी सेल की सुरक्षा पर उठे सवाल और जनहित याचिका पर राज्य शासन ने हाईकोर्ट में शपथ-पत्र दिया है। जिसमें कहा है कि पूर्व सैनिकों की नियुक्ति के लिए सैनिक कल्याण बोर्ड को पत्र लिखा गया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने जनहित याचिका पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को भी पक्षकार बनाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। दरअसल, 11 जुलाई की रात बिलासपुर में नूतन चौक स्थित बाल संप्रेक्षण गृह में चौकीदार की हत्या कर दी गई। बताया गया कि यहां के चार नाबालिग लड़कों ने मिलकर उसकी जमकर पिटाई की थी, जिसके बाद उसके हाथ-पैर बांध कर गला दबाकर हत्या कर दी। इस मामले में जमकर बवाल हुआ और धरना प्रदर्शन भी किया। हाईकोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के बाल संप्रेक्षण गृह की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की है। शासन का जवाब- सैनिक कल्याण बोर्ड को लिखा पत्र जनहित याचिका पर राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव ने शपथ पत्र पेश कर बताया कि संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने, सुरक्षा ऑडिट कराने और सुरक्षा के लिए पूर्व सैनिकों की सेवाएं लेने के संबंध में सैनिक कल्याण बोर्ड से पत्राचार किया गया है। 156 पूर्व सैनिकों तैनात करने की है योजना हाईकोर्ट में बताया गया कि महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिला कलेक्टर्स, डीजीपी और होमगार्ड्स डीजी को संस्थानों की सुरक्षा ऑडिट व पुख्ता इंतजाम के निर्देश जारी किए हैं। 26 संस्थानों में 156 पूर्व सैनिकों की तैनाती व सेवाओं के संबंध में सैनिक कल्याण बोर्ड से जानकारी मांगी गई है। गश्त व पेट्रोलिंग करने के निर्देश पीएचक्यू ने सभी एसपी को नियमित पेट्रोलिंग, रात्रि गश्त, संस्थानों के स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति, मॉक ड्रिल और मासिक समीक्षा करने को कहा है। जेजे एक्ट, पॉक्सो और मिशन वात्सल्य के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों, काउंसलर्स और हाउस मदर्स/फादर्स के लिए आवासीय ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किए गए। महासमुंद और बिलासपुर से भागे अधिकांश बच्चे मिले सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि महासमुंद बाल देखरेख संस्थान से भागे 8 बच्चों में से 5 को बरामद कर लिया गया है, जबकि बाकी 3 की तलाश जारी है। वहीं बिलासपुर संस्थान से भागे 4 बच्चों में से 3 को वापस लाया जा चुका है और बचे 1 बच्चे की तलाश की जा रही है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय से मांगा गया जवाब हाईकोर्ट में केंद्र सरकार की तरफ से बताया गया कि जुवेनाइल और बाल संप्रेक्षण गृहों का प्रबंधन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकार क्षेत्र में आता है, इस पर हाईकोर्ट ने केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को पक्षकार बनाने का निर्देश दिया। कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था व 156 सुरक्षा गार्डों की तैनाती के वित्तीय भार/मदद पर स्थिति स्पष्ट करते हुए व्यक्तिगत शपथ पत्र देने को कहा है।