Thursday, 27 August 2026
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पंजाब में कर्मचारियों की महा-हड़ताल, सरकारी कामकाज ठप:अकाली-कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, किसान संगठन भी समर्थन में आए

INT News27 August 2026 at 01:48 pm

रूपनगर रोपड़ में अपनी लंबित मांगों को लेकर पंजाबभर के सरकारी कर्मचारियों द्वारा बुलाई गई महा-हड़ताल का गुरुवार को व्यापक असर देखने को मिला। रूपनगर सहित राज्य के विभिन्न जिलों में उपायुक्त (डीसी) कार्यालयों और अन्य सभी प्रमुख सरकारी विभागों में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। हड़ताल के कारण दूर-दराज से आए आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस महा-हड़ताल का सीधा असर स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ा। सरकारी अस्पतालों में ओपीडी (OPD) सेवाएं पूरी तरह बंद रहीं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी हुई। हालांकि, मानवीय आधार पर मरीजों की गंभीर स्थिति को देखते हुए आपातकालीन (Emergency) सेवाएं सुचारू रूप से जारी रखी गईं। सरकार विज्ञापनों पर खर्च कर रही, कर्मचारियों का हक दबाया हड़ताल को लेकर शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व शिक्षा मंत्री डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में कर्मचारियों को इस तरह की महा-हड़ताल के लिए पहले कभी मजबूर नहीं होना पड़ा। माननीय अदालत के दो बार के स्पष्ट आदेशों के बावजूद सरकार कर्मचारियों का 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक का महंगाई भत्ता (डीए) और बकाया जारी नहीं कर रही है।" डॉ. चीमा ने आरोप लगाया कि आज राज्य के सरकारी विभाग लगभग पंगु हो चुके हैं, लेकिन सरकार कर्मचारियों को उनके जायज अधिकार देने के बजाय जनता के पैसे को आत्म-प्रचार और विज्ञापनों पर पानी की तरह बहा रही है। मुख्यमंत्री अपना वादा निभाएं, वरना संघर्ष होगा तेज: कांग्रेस कांग्रेस के रोपड़ जिला प्रधान अश्विनी शर्मा ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के पुराने बयानों को याद दिलाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने वादा किया था कि कर्मचारियों को अपनी मांगों के लिए सड़कों पर नहीं उतरना पड़ेगा, लेकिन आज हकीकत इसके उलट है। शर्मा ने चेतावनी दी कि यदि महंगाई भत्ता जारी करने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने जैसी मांगें तुरंत पूरी नहीं की गईं, तो आने वाले दिनों में और भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

कुल 32 मांगे रखी गई, किसानों ने भी किया समर्थन पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन (PSMSU) रूपनगर के प्रधान अमरजीत सिंह ग्रेवाल ने बताया कि कर्मचारियों की कुल 32 मांगें हैं। इस महा-हड़ताल को केवल दफ्तरी कर्मचारियों का ही नहीं, बल्कि किसान यूनियनों, पेंशनभोगी संगठनों और रोडवेज कर्मचारियों का भी पुरजोर समर्थन मिला। प्रमुख मांगें और समर्थन दोपहर की बैठक पर टिकी नजरें इस बड़े गतिरोध के बीच, कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच गुरुवार दोपहर 1 बजे एक उच्चस्तरीय बैठक तय की गई है। आंदोलनरत कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इस बैठक में उनकी जायज मांगों पर कोई सकारात्मक और ठोस समाधान निकालेगी।