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PM आवास की फाइल समझकर कहीं खोल न दें ये APK! WhatsApp हैक कर ठग मांग रहे पैसे

गालूडीह: प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर साइबर ठगों ने ग्रामीण इलाकों में ठगी का नया तरीका अपनाया है. गालूडीह क्षेत्र में लोगों के व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फर्जी फाइल भेजकर मोबाइल और व्हाट्सएप अकाउंट को निशाना बनाया जा रहा है. पिछले एक सप्ताह में गालूडीह निवासी दीपक सिंह, बिरहिगोड़ा निवासी दिबस महतो, पायरागुड़ी निवासी शीतल कालिंदी समेत दर्जनों लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक किये जाने की जानकारी सामने आयी है.
अकाउंट हैक करने के बाद साइबर ठग उसी नंबर से पीड़ित के रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों को मैसेज भेजकर आर्थिक मदद के नाम पर पैसे मांग रहे हैं. परिचित नंबर से मैसेज आने के कारण लोग इसे सही समझकर ठगी का शिकार हो सकते हैं.
आवास योजना की फर्जी फाइल भेजकर कर रहे निशाना
जानकारी के अनुसार, साइबर ठग व्हाट्सएप पर प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभुक सूची, आवास से जुड़े दस्तावेज या सरकारी फाइल होने का दावा करते हुए एक फाइल भेज रहे हैं. इसके साथ कई बार संदिग्ध एपीके फाइल भी भेजी जा रही है.
फाइल खोलने या एपीके इंस्टॉल करने के बाद मोबाइल की सुरक्षा प्रभावित होने का खतरा रहता है. इसके बाद ठग हैक किये गये व्हाट्सएप अकाउंट का इस्तेमाल कर उसमें सेव संपर्कों को मैसेज भेजते हैं और उनसे पैसे की मांग करते हैं.
QR कोड भेजकर भी मांग रहे रुपये
साइबर ठग कई मामलों में पैसे भेजने के लिए क्यूआर कोड या बारकोड भी भेज रहे हैं. ठग परिचित व्यक्ति के व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल करते हैं, जिससे सामने वाले को मैसेज असली लग सकता है.
इसी तरह के मामलों में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर भेजी गयी एपीके फाइल खोलने के बाद व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर परिचितों से पैसे मांगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.
ऐसे बचें साइबर ठगी से
व्हाट्सएप पर किसी अनजान व्यक्ति से आयी एपीके या संदिग्ध फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें. प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी किसी भी जानकारी को केवल आधिकारिक माध्यम से ही सत्यापित करें.
किसी परिचित के नंबर से अचानक पैसे की मांग या क्यूआर कोड भेजा जाए, तो रुपये भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर इसकी पुष्टि जरूर करें. जल्दबाजी में किसी लिंक, फाइल या एपीके पर क्लिक करने से बचें.