Wednesday, 4 November 2026
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Vande Bharat Sleeper: 124 KM के सफर का भी देना होगा 400 KM का किराया! प्रयागराज से वाराणसी-कानपुर का टिकट देख यात्री हैरान

INT News4 November 2026 at 09:43 am

Vande Bharat Sleeper Fare: वाराणसी से नई दिल्ली के बीच शुरू हुई स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं के साथ अब किराये को लेकर भी चर्चा में है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि कम दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को भी न्यूनतम 400 किलोमीटर की किराया-योग्य दूरी के हिसाब से भुगतान करना होगा. यही वजह है कि वाराणसी से प्रयागराज की दूरी महज 124 किलोमीटर होने के बावजूद यात्रियों को कानपुर तक के बराबर किराया देना पड़ रहा है.

124 KM और 319 KM की दूरी, फिर भी किराया एक समान

रेलमार्ग से वाराणसी से प्रयागराज की दूरी करीब 124 किलोमीटर है, जबकि कानपुर की दूरी लगभग 319 किलोमीटर है. इसके बावजूद स्लीपर वंदे भारत में दोनों स्टेशनों के लिए किराया समान रखा गया है. इसी तरह प्रयागराज से कानपुर की दूरी करीब 195 किलोमीटर और वाराणसी की दूरी करीब 124 किलोमीटर है. लेकिन दोनों जगहों के लिए यात्रियों को एक जैसा किराया चुकाना होगा.

कितना है स्लीपर वंदे भारत का किराया?

प्रयागराज से कानपुर और वाराणसी के लिए स्लीपर वंदे भारत का किराया इस प्रकार है:

वाराणसी से प्रयागराज और कानपुर के लिए भी यही किराया बताया गया है. यानी कम दूरी तय करने वाले यात्रियों को भी न्यूनतम किराया-योग्य दूरी का भुगतान करना पड़ेगा.

रेलवे ने क्यों बनाया 400 KM का नियम?

रेलवे के अनुसार, स्लीपर वंदे भारत में न्यूनतम किराया योग्य दूरी 400 किलोमीटर निर्धारित की गई है. उत्तर रेलवे के सीपीआरओ हिमांशु शेखर उपाध्याय ने भी इसी नियम को समान किराये की वजह बताया है. इस व्यवस्था के कारण कम दूरी के यात्रियों को भी 400 किलोमीटर के आधार पर किराया देना पड़ रहा है. यही वजह है कि प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर के बीच टिकट के दाम में दूरी के हिसाब से अंतर दिखाई नहीं देता.

चेयरकार वंदे भारत में अलग है किराये का गणित

चेयरकार वंदे भारत में किराया दूरी के अनुसार अलग-अलग है. वाराणसी से प्रयागराज के लिए चेयरकार का किराया 560 रुपये, जबकि कानपुर के लिए 895 रुपये बताया गया है. यानी दोनों शहरों की दूरी के हिसाब से टिकट की कीमत में अंतर है. एक तरफ चेयरकार वंदे भारत में दूरी के अनुसार किराया बदलता है, वहीं स्लीपर वंदे भारत में न्यूनतम 400 किलोमीटर की शर्त के कारण कम दूरी के यात्रियों को भी समान किराया देना पड़ रहा है.

स्लीपर वंदे भारत में खानपान का विकल्प भी अलग

चेयरकार वंदे भारत के किराये में खानपान का शुल्क शामिल रहता है. वहीं स्लीपर वंदे भारत में कैटरिंग का विकल्प शामिल नहीं है. ऐसे में यात्रियों के लिए किराये के साथ खानपान की व्यवस्था भी समझना जरूरी है.

कुल मिलाकर, स्लीपर वंदे भारत में कम दूरी की यात्रा करने वालों के लिए न्यूनतम 400 किलोमीटर का किराया अहम है. वाराणसी से प्रयागराज जैसे छोटे रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को भी इसी नियम के कारण कानपुर तक के बराबर टिकट लेना पड़ रहा है.

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