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जालंधर में बजरंग दल ने पकड़ी गोवंश से भरी गाड़ी:तस्करों ने भागने के चक्कर में पेड़ में मारी टक्कर, आरोपी फरार
जालंधर में बजरंग दल की टीम ने रात के समय गश्त के दौरान गोवंश से भरी एक गाड़ी को पकड़ा है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में तस्करों ने टीम पर गाड़ी चढ़ाने और भागने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहने पर चलती गाड़ी से कूदकर फरार हो गए। इस दौरान अनियंत्रित गाड़ी पेड़ से टकरा गई, जिससे गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें मौजूद गोवंशों को भी चोटें आईं। बजरंग दल ने प्रशासन से गो-तस्करी पर सख्त रोक लगाने और सुरक्षा बल तैनात करने की मांग की है। गुप्त सूचना के बाद पठानकोट बाईपास पर नाका
बजरंग दल के उपाध्यक्ष शौर्य शर्मा और उनकी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि चार से पांच गोवंशों को एक गाड़ी में लादकर अवैध तरीके से जम्मू की तरफ ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम सतर्क हो गई। रात करीब 12 बजे से ही अलग-अलग जगहों पर नजर रखी जा रही थी। तड़के सुबह साढ़े तीन बजे के करीब बजरंग दल की टीम ने पठानकोट बाईपास के पास नाकाबंदी कर दी। टोल बंद करने के बाद लिया यू-टर्न
नाके के दौरान जब संदिग्ध गाड़ी वहां पहुंची, तो टीम ने उसे रुकने का इशारा किया। चालक ने गाड़ी रोकने के बजाय उसकी रफ्तार बढ़ा दी और मौके से भागने लगा। बजरंग दल के सदस्यों ने तुरंत अपनी दो-तीन गाड़ियों से उसका पीछा करना शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपी गाड़ी चालक ने पीछा कर रही गाड़ियों को टक्कर मारने और ओवरटेक करके गिराने का प्रयास भी किया। बजरंग दल की टीम ने रास्ते में ट्रक खड़े करवाकर और टोल प्लाजा बंद करवाकर उसे रोकने की पूरी कोशिश की। खुद को घिरता देख आरोपी ने टोल से ठीक पहले गाड़ी को वापस जालंधर की तरफ मोड़ दिया।
चलती गाड़ी से कूदे आरोपी, पेड़ से टकराई गाड़ी
सामने से भी बजरंग दल की गाड़ियां आते देख आरोपियों को समझ आ गया कि अब भागने का कोई रास्ता नहीं बचा है। इसके बाद गाड़ी चला रहे ड्राइवर और उसके साथी ने चलती गाड़ी से ही सड़क पर छलांग लगा दी। अनियंत्रित होकर गाड़ी सीधे जाकर एक पेड़ से टकरा गई। हादसे में गाड़ी का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ी के अंदर बंद गोवंशों को भी इस दौरान काफी चोटें आईं। सरकार से की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद बजरंग दल के नेता इंद्रजीत और अमित सहित पूरी टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि गो-तस्कर अक्सर रात के अंधेरे में जानलेवा हथियारों के साथ घूमते हैं और विरोध करने पर हमला करने से भी नहीं हिचकते। उन्होंने पंजाब सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जिस तरह नशे और नशा तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, ठीक उसी तर्ज पर गो-तस्करी को रोकने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स या सड़क सुरक्षा टीम का गठन किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि थाना क्षेत्र (ज्यूरिस्डिक्शन) के चक्कर में अक्सर कार्रवाई में देरी होती है, इसलिए सड़कों पर गश्त और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने चाहिए।