समाचार · मध्य प्रदेश
1655 एकड़ वन भूमि को राजस्व में बदलने की मांग:नेपानगर में रिटायर्ड कर्मचारियों ने सौंपा आवेदन, पट्टे देने की बात कही
बुरहानपुर जिले के नेपानगर में आयोजित 'मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर' में नए कलेक्टर विवेक कुमार, एसपी आशुतोष बागरी सहित सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्रीय विकास और वर्षों पुरानी वन भूमि संबंधी समस्याओं के निराकरण की मांग उठी। नेपानगर सेवानिवृत्त कर्मचारी संगठन ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर 1655 एकड़ वन भूमि को राजस्व भूमि में परिवर्तित करने और नेपा लिमिटेड के क्वार्टरों में निवासरत सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मालिकाना हक यानी पट्टे देने की गुहार लगाई। वन भूमि के नियमों से रुका विकास संगठन के अध्यक्ष सौजन्य तिवारी और सचिव राजाराम पटेल की मौजूदगी में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि वन भूमि के कड़े नियमों के कारण नेपानगर में नए उद्योग स्थापित नहीं हो पा रहे हैं, जिससे युवाओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है। संगठन का कहना है कि वर्ष 1956-57 में नेपा लिमिटेड द्वारा बनाए गए करीब 2500 क्वार्टरों में अब रिटायर्ड कर्मचारी रह रहे हैं। पेयजल, सड़क, सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसी नागरिक सुविधाओं का जिम्मा अब नगर पालिका और शासन के पास है, इसलिए इन जमीनों का राजस्व, वन विभाग और नेपा लिमिटेड के समन्वय से स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए। कलेक्टर ने क्या कहा? कलेक्टर विवेक कुमार ने कहा कि इन आयोजनों की मुख्य मंशा समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। सरकार उन 2 से 5 प्रतिशत छूटे हुए लोगों की चिंता कर रही है, जो अब तक सरकारी योजनाओं से वंचित थे। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने नेपानगर नगर पालिका के नए भवन का जायजा लिया और पीएमश्री स्कूल पहुंचकर विद्यार्थियों से संवाद किया। वहीं एसपी आशुतोष बागरी ने भी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों से चर्चा करते हुए अध्यापन शैली में आधुनिक बदलाव लाने की बात कही।