समाचार · बिहार
कौन हैं डॉ. एनके यादव? कभी निर्दलीय लड़े थे चुनाव, अब जीत की हैट्रिक लगाकर फिर साबित किया दम

Bihar MLC Result: बिहार विधान परिषद की कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. नरेन्द्र कुमार यादव ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है. डॉ. एनके यादव के नाम से पहचाने जाने वाले यादव ने 2014 और 2020 के बाद 2026 में भी चुनाव जीतकर अपनी सीट बरकरार रखी. पेशे से स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. यादव का राजनीतिक सफर भी दिलचस्प रहा है. उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने से शुरुआत की थी. बाद में राजद-लोजपा गठबंधन के उम्मीदवार बने और फिर भाजपा में शामिल होकर विधान परिषद तक पहुंचे.
कोसी स्नातक सीट पर डॉ. एनके यादव की लगातार तीसरी जीत
कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पूर्णिया जिला स्कूल परिसर स्थित बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के क्षेत्रीय कार्यालय भवन में हुई. मतगणना पूरी होने के बाद चुनाव प्रशासन ने डॉ. नरेन्द्र कुमार यादव को निर्वाचित घोषित किया. इस जीत के साथ उन्होंने लगातार तीसरी बार विधान परिषद में अपनी जगह बनाई है.
डॉ. यादव ने पहली बार 2014 में भाजपा के टिकट पर यह सीट जीती थी. 2020 में भी उन्होंने जीत दर्ज कर अपनी सीट बरकरार रखी. अब 2026 में जीत की हैट्रिक पूरी की है. कोसी, सीमांचल, अंग और पूर्व बिहार के 14 जिलों में फैले इस निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक मतदाता मतदान करते हैं.
कौन हैं डॉ. एनके यादव?
डॉ. नरेन्द्र कुमार यादव कोसी क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता हैं. राजनीति में आने से पहले उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई. वह स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं. उनका पैतृक संबंध झारखंड के गोड्डा जिले से है. हालांकि, भागलपुर उनकी प्रमुख कर्मभूमि रहा है.
उनके पिता स्वर्गीय गौरी शंकर यादव क्षेत्र की सम्मानित हस्तियों में गिने जाते थे. उनकी माता बिंदुला देवी भी परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत रही हैं. चुनाव के दौरान मां ने उनके माथे पर तिलक लगाकर जीत का आशीर्वाद दिया था.
पत्नी भी रह चुकी हैं भागलपुर की मेयर
डॉ. एनके यादव का परिवार चिकित्सा और सार्वजनिक जीवन, दोनों से जुड़ा रहा है. उनकी पत्नी डॉ. वीणा यादव वर्ष 2007 से 2012 तक भागलपुर नगर निगम की मेयर रह चुकी हैं. उन्होंने इस दौरान शहर के स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी संभाली.
परिवार के अन्य सदस्य भी चिकित्सा क्षेत्र में हैं. उनके बेटे डॉ. निलय कृष्णा और बेटी डॉ. श्रेया यादव डॉक्टर हैं. उनके दामाद डॉ. राधेश्याम भी चिकित्सा पेशे से जुड़े हैं.
बिहार की ताजा खबरों के लिए यहां क्लिक करें
निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर शुरू हुआ राजनीतिक सफर
डॉ. एनके यादव ने वर्ष 2009 में भागलपुर लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था. यह उनके राजनीतिक सफर का शुरुआती पड़ाव था. इसके बाद 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव में वह भागलपुर सदर सीट से राजद-लोजपा गठबंधन के उम्मीदवार बने.
इसके बाद उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया. पार्टी ने 2014 में उन्हें कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया. उन्होंने चुनाव जीतकर पहली बार बिहार विधान परिषद में प्रवेश किया. 2020 में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया और वह दोबारा निर्वाचित हुए.
2014 से 2026 तक जीत का सिलसिला
डॉ. एनके यादव का राजनीतिक सफर कई पड़ावों से होकर गुजरा है. 2009 में लोकसभा चुनाव से शुरुआत करने के बाद उन्होंने 2010 में विधानसभा चुनाव लड़ा. फिर 2014 में विधान परिषद पहुंचे. 2020 में दूसरी बार जीत दर्ज की और 2026 में लगातार तीसरी जीत हासिल की.
कोसी स्नातक सीट पर उनकी तीसरी जीत ने विधान परिषद में उनकी मौजूदगी को आगे बढ़ाया है. चिकित्सा पेशे से राजनीति में आए डॉ. यादव ने अलग-अलग चुनावी पड़ावों के बाद यह उपलब्धि हासिल की है.
Also Read: नितिन नवीन की सीट के बाद बिहार BJP चीफ के गढ़ में भी जन सुराज का कमाल, प्रशांत किशोर ने कैसे लगाई सेंध?