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CJP नेता सौरव दास और आशुतोष रांका पर FIR, जंतर-मंतर का गेट फांदकर घुसे थे अंदर

Jantar Mantar : दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर में कथित तौर पर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने के मामले में CJP नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज किया है. मंगलवार को भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के बीच CJP के सदस्य जंतर-मंतर पहुंचे थे. वहां उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने दास, रांका और संगठन के कुछ अन्य सदस्यों को हिरासत में ले लिया था.
जंतर-मंतर पहुंचकर की नारेबाजी
CJP के सदस्यों ने बैरिकेडिंग पार कर जंतर-मंतर में प्रवेश किया. संगठन का कहना है कि उसने वहां तिरंगा फहराया और प्रदर्शन के अधिकार की बहाली की मांग की. घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें कुछ सदस्य बैरिकेडिंग के पास पहुंचते और गेट पार करते दिखाई दे रहे हैं.
अभिजीत दीपके बोले- प्रतिरोध की आवाज दबा नहीं सकते
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए कहा कि विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाकर सरकार जवाबदेही की मांग करने वालों को चुप कराना चाहती है. दीपके के मुताबिक, जंतर-मंतर केवल एक जगह नहीं, बल्कि सत्ता से सवाल पूछने का प्रतीक है.
प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाया गया जंतर-मंतर
दिल्ली पुलिस ने 12 अक्टूबर को जारी आदेश में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था. इसके बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को नए प्रदर्शन स्थलों के रूप में तय किया गया. CJP ने इस फैसले का विरोध करते हुए कहा कि संगठन शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांग रहा था, लेकिन इसी बीच नियम बदल दिए गए.
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ा CJP
CJP के नेता CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. संगठन ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं. दास और रांका ने कहा कि वे जंतर-मंतर से ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग जारी रखेंगे.
पहले भी हिरासत में लिए गए थे
CJP ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था. इसी दिन दिल्ली पहुंचने पर अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को विमान के अंदर से ही दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें इस शर्त पर रिहा किया गया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे. मंगलवार की घटना के बाद संगठन ने फिर आरोप लगाया कि उसके नेताओं को हिरासत में लेकर आंदोलन रोकने की कोशिश की जा रही है.
पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा
दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी है. जंतर-मंतर पर प्रवेश की घटना के बाद दर्ज केस में पुलिस की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी. वहीं, CJP ने साफ किया है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और प्रदर्शन के अधिकार की बहाली की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा.