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हाईटेंशन तारों के मुआवजे पर अड़े किसानों का धरना स्थगित:सांसद प्रतिनिधि और डीसी के आश्वासन पर माने किसान, केंद्र की अधिसूचना प्रदेश में लागू कराने के लिए सीएम से करेंगे बात
हाईटेंशन बिजली तारों को लेकर जमीन से जुड़े मुआवजे व अन्य मांगों को लेकर धरने पर बैठे किसानों ने बुधवार को प्रशासन के आश्वासन के बाद धरना स्थगित कर दिया। किसान मंगलवार सुबह से धरने पर बैठे थे। रात को किसानों ने सचिवालय पर भी डेरा डाल दिया था। बुधवार सुबह सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा और डीसी हरीश वशिष्ठ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों की मांगें सुनीं और उन्हें सरकार तक पहुंचाकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना स्थगित करने का फैसला लिया। किसानों की मुख्य मांग है कि हाईटेंशन बिजली तारों के संबंध में केंद्र सरकार की अधिसूचना को प्रदेश सरकार भी जल्द लागू करे, ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। किसानों का कहना है कि इस संबंध में स्पष्ट व्यवस्था लागू होने से उनकी समस्याओं का समाधान हो सकेगा। इसी मांग को लेकर किसान प्रशासन के सामने अपनी बात रखने के लिए धरने पर बैठे थे। सांसद और मुख्यमंत्री के सामने उठाया जाएगा मामला सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे उनकी मांग को लेकर सांसद मनोहर लाल से बात करेंगे। सांसद और वह स्वयं मुख्यमंत्री से भी बातचीत करेंगे और किसानों की मांगें मनवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या को सरकार के सामने रखा जाएगा, ताकि इसका समाधान निकल सके। डीसी बोले- सरकार को भेजेंगे किसानों की मांग डीसी हरीश वशिष्ठ ने कहा कि किसान हाईटेंशन तारों से संबंधित केंद्र सरकार की अधिसूचना को प्रदेश में जल्द लागू करने की मांग लेकर आए थे। उनकी मांग सरकार के पास भेजी जाएगी। अधिसूचना लागू कराने की दिशा में जल्द कार्रवाई कर किसानों की समस्याओं का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। आश्वासन के बाद स्थगित किया धरना बता दें कि मंगलवार सुबह से धरने पर बैठे किसान रातभर अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। बुधवार सुबह सांसद प्रतिनिधि और डीसी के पहुंचने के बाद किसानों के साथ बातचीत हुई। अधिकारियों और सांसद प्रतिनिधि ने मांगों को सरकार तक पहुंचाने तथा समाधान कराने का भरोसा दिया। इसके बाद किसानों ने फिलहाल धरना स्थगित कर दिया। अब किसानों की निगाहें प्रदेश सरकार के फैसले और केंद्र की अधिसूचना को लागू कराने की दिशा में होने वाली कार्रवाई पर रहेंगी।