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भगवान ऐसी तकलीफ की को न दे, जिस आंगन में गूंजनी थी शहनाई, वहीं उठीं तीन अर्थियां, मां की चीख ने सबको रुला दिया

Lucknow Triple Murder Case : लखनऊ के ब्राह्मणी टोला में जिस घर में शादी की खुशियां मनाई जानी थीं, वहां तिहरे हत्याकांड के बाद मातम पसरा है. सुयश की शादी के कार्ड छपने थे, मेहमानों की सूची तैयार हो रही थी, लेकिन अब परिवार तीन लोगों की तेरहवीं की तैयारी में जुटा है.
शादी की तैयारियों के बीच छा गया मातम
लखनऊ में इस परिवार में वर्षों बाद मांगलिक कार्यक्रम होने वाला था. सुयश की शादी पांच दिसंबर को होनी थी. शादी के कार्ड छपने के लिए दिए जाने थे और मेहमानों की सूची भी तैयार की जा रही थी. परिवार को क्या पता था कि शादी से पहले ही घर में तीन लोगों की मौत का मातम छा जाएगा. ब्राह्मणी टोला में मंगलवार को हर तरफ इसी दर्दनाक घटना की चर्चा रही. एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो शिवाजी तिवारी की पत्नी ऊषा की चीख निकल पड़ी. कभी वह बेटे के शव से लिपटकर उसे निहारती रहीं तो कभी अपने सुहाग को अंतिम विदाई देती रहीं. उनकी हालत देखकर मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं.
इकलौते बेटे की शादी की चल रही थी तैयारी
सुयश रविवार को परिवार के साथ ननिहाल में दिवाई की रस्म के लिए गए थे. शादी का ज्यादातर सामान खरीदा जा चुका था. माता-पिता अपने इकलौते बेटे की शादी धूमधाम से करने की तैयारी में जुटे थे. घर में बेटे के लिए कमरे की सजावट, मरम्मत और पुताई का काम चल रहा था. सुयश कुछ दिन बाद शादी के कपड़े खरीदने वाले थे. इसके लिए उन्होंने दोस्तों से भी बात कर ली थी.
अंतिम संस्कार में दोस्तों की आंखों से छलके आंसू
जिस शादी में सुयश के दोस्तों को शामिल होना था, वे अब उसके अंतिम संस्कार में पहुंचे. दोस्तों की आंखों में आंसू थे. कॉलोनी की महिलाएं ऊषा, रुचि और सुमेधा को ढांढस बंधाती रहीं. नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार रातभर मोहल्ले के लोग जागते रहे. मंगलवार को तीनों शवों का अंतिम संस्कार किया गया.
परिवार की मांगों पर प्रशासन ने लिया फैसला
घटना के बाद पीड़ित परिवार की मांगों पर प्रशासन ने कार्रवाई की. डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मंगलवार शाम आरएसएस के पदाधिकारियों और पीड़ित परिवार से बंद कमरे में बातचीत की. उन्होंने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में ओएसडी की नौकरी देने का ऐलान किया. साथ ही कहा कि शंभू की बेटी सुमेधा जब तक पढ़ना चाहेंगी, उसकी पढ़ाई का जिम्मा प्रशासन उठाएगा. डिप्टी सीएम के मौके पर पहुंचने के बाद परिवार शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ. गुलालाघाट पर कड़ी सुरक्षा के बीच सुयश की बुआ के बेटे मनोज अवस्थी ने तीनों शवों को मुखाग्नि दी.
आर्थिक मदद और आजीवन सुरक्षा का आश्वासन
डिप्टी सीएम ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और आजीवन सुरक्षा देने का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि आरोपियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए नजीर बनेगी.
आरोपी का घर सील, अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर
मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला के घर को अवैध निर्माण घोषित करते हुए एलडीए ने मंगलवार शाम सील कर दिया. इसके बाद सड़क पर कब्जा कर बनाए गए अवैध निर्माण को बुलडोजर चलाकर गिरा दिया गया. उच्च स्तर से मिले निर्देश के बाद एलडीए की प्रवर्तन टीम भारी पुलिस बल के साथ ऋषभ के घर पहुंची. टीम ने मकान को चारों तरफ से सील कर दिया.
नजूल की जमीन पर भी अवैध निर्माण का आरोप
मौके पर मौजूद एलडीए अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी ने नजूल की जमीन पर भी अवैध निर्माण कराया है. जमीन को खाली कराने के लिए नोटिस दिया जाएगा. सीलिंग की कार्रवाई के दौरान परिवार एलडीए के सामने निर्माण से संबंधित कोई नक्शा या जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सका. एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि सड़क की जमीन से कब्जा हटा दिया गया है. हालांकि, स्थानीय लोगों ने एलडीए पर अधूरी कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए मौके पर हंगामा किया.
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