समाचार · मध्य प्रदेश
संकुल ने समय पर भेजे कागजात, फिर भी चतुर्थ क्रमोन्नति सूची से 100 शिक्षक गायब
भास्कर संवाददाता | शाढ़ौरा जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अथवा सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान देने के लिए जो सूची जारी की गई है, उसमें से शाढ़ौरा संकुल के दर्जनों शिक्षकों सहित जिलेभर के करीब 100 पात्र शिक्षकों के नाम गायब हैं। सूची सामने आते ही शिक्षकों के होश उड़ गए। सालों से क्रमोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस लापरवाही के कारण बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा, साथ ही उनकी सेवा पंजिका पर भी इसका विपरीत असर पड़ेगा। संकुल से समय पर भेजे गए थे दस्तावेज शाढ़ौरा संकुल के शिक्षकों ने जब सूची में नाम न होने पर आनन-फानन में जानकारी जुटाई, तो सामने आया कि संकुल कार्यालय की ओर से सभी प्रक्रियाएं समय सीमा में पूरी कर दी गई थीं। पात्र शिक्षकों के सभी आवश्यक दस्तावेज डीईओ कार्यालय में जमा करा दिए गए थे। इसके बावजूद शाढ़ौरा संकुल का एक भी शिक्षक सूची में स्थान नहीं पा सका। संकुल के अलावा बहादुरपुर, पिपरई, ईसागढ़, मुंगावली और चंदेरी क्षेत्र के भी कई पात्र शिक्षकों को सूची से बाहर रखा गया है। हर महीने 3 से 4 हजार रुपये की चपत यदि सूची में संशोधन नहीं होता है, तो शिक्षकों को भारी वित्तीय घाटा उठाना पड़ेगा। नियम अनुसार चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ 1 जुलाई 2023 से मिलना है। सूची में नाम शामिल होने पर शिक्षकों को प्रतिमाह लगभग 3 से 4 हजार रुपए का सीधा आर्थिक फायदा होना था। करीब चार महीने तक चली लंबी प्रक्रिया के बाद जो सूची जारी हुई, वह भी अधूरी और त्रुटिपूर्ण निकली। जमा हो चुके हैं दस्तावेज ^हमने अपने संकुल से सभी 32 पात्र शिक्षकों के दस्तावेज बाबू के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में समय पर जमा करा दिए थे। इसके बावजूद शाढ़ौरा संकुल के शिक्षकों को चतुर्थ क्रमोन्नति का लाभ नहीं मिल सका है। - महेंद्र सिंह रघुवंशी, संकुल प्रभारी, शाढ़ौरा ^4 दिन में जारी होगी संशोधित सूची शिक्षकों के नाम सूची में छूटने का मामला संज्ञान में आते ही डीईओ मधु शर्मा से सीधी चर्चा की गई है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि प्रकरण का जल्द निराकरण कर 4 दिवस के अंदर पात्र शिक्षकों की दूसरी क्रमोन्नति सूची जारी कर दी जाएगी। - सुधीर सिंह रघुवंशी, भाजपा जिला उपाध्यक्ष