Saturday, 1 August 2026
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'भास्कर समाधान' का असर…सड़क की हुई मरम्मत:सुपरवाइजर विशाल धर्मेरिया बनें आज के ‘स्टार ऑफिसर’; भोपाल में टूटे नाले को पेड़ों की डालियों से ढका

INT News1 August 2026 at 06:05 am

भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) वार्ड-62 के सुपरवाइजर विशाल धर्मेरिया बनें आज के ‘स्टार ऑफिसर’ भोपाल के यशोदा नगर, कोकता स्थित जय भारत स्कूल के पास पिछले एक महीने से सड़क पर कचरे का ढेर पड़ा हुआ था। शिकायतकर्ता विनोद यादव ने लिखा था कि यह उनकी दूसरी शिकायत थी, लेकिन इसके बावजूद कचरा नहीं उठाया गया था, जिससे क्षेत्रवासियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। मामला भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद वार्ड-62 के सुपरवाइजर विशाल धर्मेरिया ने तत्काल संज्ञान लिया और नगर निगम की टीम को मौके पर भेजकर सड़क पर पड़ा कचरा हटवाया। सफाई होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली और मार्ग भी स्वच्छ हो गया। 20-25 दिनों से पड़ा मलबा हटाया गया, सड़क भी बनवाई प्रिया पांडे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि शारदा नगर, नारियल खेड़ा, गली नंबर 51 ए ब्लॉक में पिछले 20-25 दिनों से मलबा पड़ा हुआ था और अधूरे निर्माण कार्य के कारण बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए थे। इससे लोगों को आने-जाने और वाहन निकालने में भारी परेशानी हो रही थी। शिकायत भास्कर समाधान पर पोस्ट होने के बाद वार्ड 12 के पार्षद देवेंद्र भार्गव ने संज्ञान लिया। उनके निर्देश पर आवश्यक कार्रवाई कर मलबा हटाया गया। साथ ही सड़क को रिपेयर भी कराया गया। शिकायतकर्ता प्रिया पांडे ने स्वयं पुष्टि की कि समस्या का समाधान हो गया है, जिससे स्थानीय रहवासियों को राहत मिली। भोपाल के कई क्षेत्रों में सफाई, स्ट्रीट लाइट और सड़क की समस्याएं बरकरार DRM कार्यालय के पास सड़क पर गड्ढों से राहगीर परेशान भोपाल के हबीबगंज रेलवे कॉलोनी स्थित DRM कार्यालय के सामने से साकेत नगर तक जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। शिकायतकर्ता आर. पी. सिंह ने बताया कि मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी और आज भी सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं। उनका कहना है कि लगभग हर 200 मीटर पर गड्ढे हैं, जिससे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। टूटे नाले को पेड़ों की डालियों से ढका, हादसे का खतरा बावड़िया कला वार्ड-52, अरेरा कॉलोनी एक्सटेंशन-8 में एक क्षतिग्रस्त नाला लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ है। शिकायतकर्ता राकेश प्रजापति ने लिखा कि नाले का निर्माण कार्य अधूरा है और नाला टूटने के बाद उसे मरम्मत करने के बजाय पेड़ों की डालियों और पत्तों से ढक दिया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इस मार्ग से रोजाना लोगों का आवागमन होता है और किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। तीन वर्षों से नाली का कचरा नहीं उठा, बदबू से रहवासी परेशान भोपाल के बाग उमराव दूल्हा, सेक्टर-बी के पास नाली से निकाला गया कचरा पिछले लगभग तीन वर्षों से नहीं उठाया गया है। शिकायतकर्ता अरशद ने लिखा कि नगर निगम द्वारा कई बार नाली की सफाई तो की गई, लेकिन निकाला गया कचरा वहीं छोड़ दिया गया। कचरे का बड़ा ढेर बनने से क्षेत्र में तेज दुर्गंध फैल रही है और बरसात के मौसम में संक्रमण एवं बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। नेहरू नगर में महीनों से बंद स्ट्रीट लाइट, अंधेरे से रहवासी चिंतित भोपाल के नेहरू नगर वार्ड-29 में स्ट्रीट लाइट कई महीनों से बंद पड़ी हुई है। शिकायतकर्ता वाई. पी. पयासी ने लिखा कि खराब स्ट्रीट लाइट के कारण पूरी गली में रात के समय अंधेरा रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी होती है और सुरक्षा संबंधी चिंता भी बनी रहती है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।