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एमआर-10 जंक्शन:दो साल पिछड़ चुका प्रोजेक्ट, अब अगले हफ्ते से एक लेन शुरू करने का दावा
इंदौर-देवास बायपास के एमआर 10 जंक्शन पर बन रहे अंडरपास की सुरंग वाला हिस्सा बनकर लगभग तैयार हो चुका है। अगले सप्ताह से फ्लायओवर के ऊपर से ट्रैफिक शुरू करने का दावा है। हालांकि, यह प्रोजेक्ट पहले ही 2 साल पीछे चल रहा है। कनाड़िया तरफ से आने वाला ट्रैफिक ब्रिज के ऊपर से निकाला जाएगा। वहीं देवास से आने वाला ट्रैफिक ब्रिज सर्विस रोड से पहले की तरह ही निकाला जाएगा। दोनों तरफ के स्लोप, दोनों अंडरपास और बीच के एक हिस्से को आपस में जोड़ दिया गया है। कुछ हिस्सों में डामरीकरण शेष है। अगले 2-3 दिनों में इसे पूरा करने की तैयारी है। इसके बाद फ्लायओवर से ट्रैफिक शुरू हो सकता है। चार साल से बन रहा है प्रोजेक्ट
एनएचएआई का ये प्रोजेक्ट तय समय सीमा से 2 साल पीछे चल रहा है। प्रोजेक्ट जुलाई 2022 में शुरू हुआ था और जुलाई 2024 इसकी डेडलाइन थी। जुलाई 2026 तक भी इस प्रोजेक्ट की प्रगति लगभग 70% ही है। इसी प्रोजेक्ट के दो और हिस्से अर्जुन बड़ौद और रालामंडल भी तय समय सीमा से लगभग डेढ़ साल देरी से इसी साल में बनकर पूरे हुए हैं। कुछ हिस्सों में डामरीकरण का काम अभी भी बाकी इधर, जमीन के नीचे बनने वाले बॉक्स के 105 मीटर में से 82 मीटर हिस्सा तैयार है। वहीं, इंदौर की ओर मौजूदा ट्रैफिक वाले सर्विस रोड के पास में 22.5 मीटर हिस्सा नर्मदा पाइपलाइन शिफ्टिंग के चलते अधूरा है। यहां सर्विस रोड के बगल से ही सड़क के समानांतर नर्मदा लाइन बिछी हुई है। इसे शिफ्ट करने के लिए नई लाइनभी यू-आकार में बिछा दी है, लेकिन नई लाइन से पानी का कनेक्शन करने के लिए ट्रैफिक को फ्लायओवर के ऊपर से डाइवर्ट करना जरूरी है। पिछले दिनों ब्रिज के नीचे वाले 60 मीटर हिस्से पर स्लैब डालने काम हुआ। इस 60 मीटर के अलावा, मुख्य मार्ग के दोनों तरफ 22.5-22.5 मीटर का अंडरपास और बनाना है। इसमें से हरदा रोड तरफ 22.5 मीटर अंडरपास बॉक्स का काम हो चुका है। पूरे अंडरपास की कुल लंबाई 105 मीटर है जिसके ऊपर से 6 लेन का मेन कैरिज-वे और 4-4 लेन की सर्विस रोड गुजरेगी। सबसे निचले हिस्से के बॉक्स बन जाने के बाद अब दोनों तरफ की ढलान वाले एप्रोच रोड का काम चल रहा है। यह अंडरग्राउंड टनल पूरी हो जाने पर विजय नगर से एमआर-10 होते हुए सीधे इंदौर-हरदा रोड और नागपुर हाईवे की कनेक्टिविटी हो जाएगी।