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‘25 हजार कर दो, बाकी स्टाफ के लिए करवा देना’:डीओ-एडीओ से रिश्वत मांगने वाले ऑडियो; ठेकेदार बोला-मैं खुद घाटे में, ज्यादा नहीं कर पाऊंगा
"25 हजार कर दो, बाकी स्टाफ के लिए करवा देना..." और जवाब आता है, "मैडम, दोनों दुकानों के 25 हजार ही दे पाऊंगा, अभी घाटे में हूं..."। मुरैना आबकारी विभाग से जुड़े चार कथित ऑडियो-वीडयिो सामने आए हैं। दावा किया जा रहा है कि इनमें शराब ठेकेदार और जिला आबकारी अधिकारी (डीओ) व सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीओ) के बीच अलग-अलग समय पर हुई बातचीत रिकॉर्ड है। इन कथित ऑडियो में शराब दुकानों पर माल की आपूर्ति, कथित "महीना" तय करने, पैसों के लेन-देन और स्टॉक जारी करने को लेकर चर्चा हो रही है। ठेकेदार का आरोप है कि दुकानों पर समय पर माल उपलब्ध कराने के बदले उससे हर महीने रिश्वत मांगी जा रही थी। इन ऑडियो-वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। क्या है पूरा मामला मुरैना शहर की नैनागढ़ रोड और इस्लामपुरा स्थित दो लाइसेंसी शराब दुकानों के ठेकेदार रामवीर सिंह गुर्जर ने जिला आबकारी अधिकारी पारस गौतम और सहायक जिला आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ठेकेदार का दावा है कि दुकानों पर समय पर शराब का स्टॉक उपलब्ध कराने और आपूर्ति प्रभावित नहीं होने देने के बदले उससे हर महीने रिश्वत मांगी जा रही थी। उनका यह भी आरोप है कि कथित लेन-देन नहीं होने पर कई बार इंडेंट देने के बावजूद समय पर माल उपलब्ध नहीं कराया गया, जिससे बिक्री प्रभावित हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। ठेकेदार का कहना है कि इसी विवाद के दौरान हुई बातचीत के तीन कथित ऑडियो अब सामने आए हैं। उनका दावा है कि ये ऑडियो उनके आरोपों की पुष्टि करते हैं। दूसरी ओर, जिला आबकारी अधिकारी पारस गौतम का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कथित ऑडियो-1: '25 नहीं हो पाएंगे मैडम... दोनों दुकानों के 25 हजार कर दूंगा' पहले कथित ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि शराब ठेकेदार रामवीर सिंह गुर्जर और सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीओ) निधि गुप्ता के बीच बातचीत है। बातचीत में कथित तौर पर "महीना" तय करने और राशि को लेकर चर्चा सुनाई देती है। बातचीत के प्रमुख अंश कथित ऑडियो-2: 'माल नहीं आ रहा... अभी तक कोई लेन-देन नहीं हुआ' दूसरे कथित ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि शराब ठेकेदार की जिला आबकारी अधिकारी (डीओ) पारस गौतम से बातचीत है। इसमें कथित तौर पर माल की आपूर्ति और लेन-देन को लेकर चर्चा सुनाई देती है। बातचीत के प्रमुख अंश ऑडियो-3: 'हमारे इश्यू क्यों रुकवा दिए... आपका तो समय से पहुंच ही रहा है' तीसरे ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि एडीओ निधि गुप्ता और शराब ठेकेदार के बीच फोन पर बातचीत है। इसमें कथित तौर पर शराब के स्टॉक इश्यू और पूर्व में हुई कथित राशि तय होने का जिक्र है। बातचीत के प्रमुख अंश चौथा वीडियो: गोदाम में स्टॉक नहीं मिलने पर ठेकेदार और प्रभारी एडीओ के बीच बहस चार कथित ऑडियो के अलावा शराब भंडार गृह (वेयरहाउस) में हुई बातचीत का एक वीडियो भी सामने आया है। दावा किया जा रहा है कि इसमें शराब ठेकेदार रामवीर सिंह गुर्जर और शराब भंडार गृह प्रभारी एवं सहायक जिला आबकारी अधिकारी (एडीओ) नीरज त्रिवेदी के बीच स्टॉक इश्यू नहीं होने को लेकर बहस हो रही है। बातचीत के प्रमुख अंश… एडीओ: मोबाइल मत चलाओ, फोटो मत खींचो।
ठेकेदार: क्यों नहीं खींचूंगा? आप 26 तारीख की बात बता रहे हैं, जबकि मैंने 23 तारीख को डिमांड डाली है।
एडीओ: मेरी शिकायत कर दीजिए। ऑनलाइन है, हम पर कार्रवाई होगी। लिखित में दे दो—डीसी, कमिश्नर, डीओ, जिसे देना हो दे दो। हम बुरा नहीं मानेंगे।
ठेकेदार: डीसी, कमिश्नर, डीओ नहीं... मैं कोर्ट में बात करूंगा।
एडीओ: कहीं भी बात करो।
ठेकेदार: करोड़ों रुपए लगाए हैं, उसके बाद भी मुझे माल नहीं मिल रहा। कमिश्नर जवाब क्यों देगा? यहां के प्रभारी तो आप हैं।
एडीओ: हां, मैं हूं। लेकिन मेरे हाथ में कुछ नहीं है, फिर मैं किस बात का जिम्मेदार हूं? 10 पेटी डाल की देखो, मसाले की मिल जाएगी।
ठेकेदार: प्लेन भी तो 50 पेटी रखी है।
एडीओ: वह नहीं मिलेगी। वह बुक हो चुकी है, 26 तारीख को अप्रूव हुई है।
ठेकेदार: चालान किस तारीख का है?
एडीओ: वह नहीं बताया जा सकता।
ठेकेदार: पिछली बार बताया था कि 22 तारीख की सभी डिमांड क्लियर हो गई। फिर 22 के बाद पीछे क्यों जा रहे हो? 23 तारीख वाली डिमांड क्यों नहीं हुई? आज भी 17-18 तारीख पर क्यों चल रहे हैं?
एडीओ: कर्मचारियों को आधा ज्ञान होता है, पूरा नहीं। कंप्यूटर ऑपरेटर ने गलत बता दिया। मैं होता तो ऐसा नहीं बोलता।
ठेकेदार: 22 तारीख के बाद बैंक में डिमांड कैसे होने लगी?
एडीओ: इन्हें ज्ञान नहीं है, हमें पूरा ज्ञान है।
ठेकेदार: मेरा करोड़ों रुपए लगा है। कोई बात नहीं, न्यायालय से कभी न कभी न्याय मिलेगा। दुकान में गाली देते हैं, तो मैं ताला डाल दूंगा।
एडीओ: हमारी कोई दुश्मनी तो नहीं है।
ठेकेदार: मैं मानता हूं, लेकिन मुझे माल नहीं दिया जा रहा।
एडीओ: मैंने और माल मंगवाया है। तुम्हारी जगह होता तो मैं भी इसी भाषा में बात करता। मैं भी रोज माल मंगवाने के लिए सबको कह रहा हूं।
ठेकेदार: कर्ज लेकर 30% ड्यूटी भर रहा हूं, फिर भी माल नहीं मिल रहा। 50 लाख रुपए की ड्यूटी भर चुका हूं, नहीं तो आज ही दुकान छोड़ देता।
एडीओ: हमें पता है कि तुम परेशान हो। छोटे दुकानदार हो। माल होता तो 23 तारीख को ही मिल जाता।
ठेकेदार: आप एडीओ हैं। जब माल कंप्यूटर पर चढ़ेगा, तभी सबको दिखेगा और डिमांड एक्सेप्ट होगी।
एडीओ: हां, जिनकी तीन-चार दिन से डिमांड लगी है, उनकी पूरी होगी।
ठेकेदार: मेरी भी तो 23 तारीख से डिमांड लगी है, पांच दिन हो गए। (नोट: ये सभी बातचीत कथित ऑडियो पर आधारित हैं। इन ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता।) ठेकेदार का दावा: हर महीने 20 लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान शराब ठेकेदार रामवीर सिंह गुर्जर का दावा है कि उन्होंने मुरैना शहर की नैनागढ़ रोड और इस्लामपुरा स्थित दो शराब दुकानों का ठेका 8 करोड़ 46 लाख रुपए में लिया है। उनका आरोप है कि आबकारी विभाग के कुछ अधिकारी अन्य बड़े ठेकेदारों को प्राथमिकता देकर उन्हें समय पर माल उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उनका कहना है कि कई बार इंडेंट देने के बाद भी एक-एक सप्ताह तक स्टॉक नहीं मिलता, जिससे बिक्री प्रभावित होती है और उन्हें हर महीने 20 लाख रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। रामवीर का दावा है कि हाल ही में उन्होंने गोदाम पहुंचकर वीडियो बनाया, जिसके बाद उन्हें माल उपलब्ध कराया गया। उनका आरोप है कि उनसे लगातार कथित रूप से "महीना" मांगा जा रहा है, जिससे उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। एडीओ बोलीं- मैं बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हूं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निधि गुप्ता ने कहा, "मैं बाइट देने के लिए अधिकृत नहीं हूं। इस मामले में जिला आबकारी अधिकारी ही बयान दे सकती हैं। मैंने ऑडियो नहीं सुना है। फिर आपको जो करना है कीजिए। वैसे भी मैं कुछ दिनों में यहां से जाने वाली हूं, क्या फर्क पड़ता है।"